Doctor Umar Mohammad: दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास सोमवार शाम हुआ विस्फोट अब एक बड़े आतंकी नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस सफेद हुंडई i20 कार में ब्लास्ट हुआ, उसे चलाने वाला व्यक्ति एक डॉक्टर था, जिसकी पहचान डॉ. मोहम्मद उमर नबी के रूप में की जा रही है। उमर पुलवामा, जम्मू-कश्मीर का रहने वाला था और कथित तौर पर फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था।
जांच एजेंसियों को मिले CCTV फुटेज में धमाके से ठीक पहले कार में बैठा एक व्यक्ति नजर आया है। वह काले रंग का मास्क पहने हुए है और विस्फोट होने से पहले तक वाहन नहीं छोड़ता। यह फुटेज मेट्रो स्टेशन के पार्किंग क्षेत्र और आसपास के रास्तों से लिया गया है।
तीन घंटे तक पार्किंग में खड़ी रही कार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का कहना है कि कार करीब तीन घंटे तक पार्किंग में खड़ी रही, और इस दौरान उमर उसमें ही बैठा रहा। शाम करीब 6:52 बजे, कार धीरे-धीरे आगे बढ़ी और लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सिग्नल पर जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास खड़ी गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए और कई राहगीर घायल हो गए।
डॉ. उमर: पढ़ा-लिखा लेकिन कट्टरपंथ की राह पर
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, डॉ. उमर उ नबी का जन्म पुलवामा के संबूरा इलाके में हुआ था। उसने श्रीनगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज से एमडी मेडिसिन की पढ़ाई पूरी की थी और हाल ही में फरीदाबाद के एक निजी मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर काम कर रहा था।
जांच में सामने आया है कि उमर पिछले कुछ महीनों से रेडिकल नेटवर्क से संपर्क में था। पुलिस का कहना है कि उसके तीन साथी डॉक्टर पहले ही पकड़े जा चुके थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए उमर घबरा गया और उसने आत्मघाती धमाके का रास्ता चुना।
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फरीदाबाद मॉड्यूल से कनेक्शन
फरीदाबाद में सोमवार को ही जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने एक संयुक्त अभियान में आठ लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें तीन डॉक्टर भी शामिल थे। इस गिरोह के पास से 2,900 किलो विस्फोटक सामग्री और एक AK-47 राइफल जब्त की गई थी।
जांच में सामने आया है कि इस मॉड्यूल में चार डॉक्टर सक्रिय थे, जिनमें उमर, मुजम्मिल शकील, शाहीन शाहिद और आदिल अहमद शामिल थे। इनमें से उमर एकमात्र ऐसा सदस्य था जो गिरफ्तारी से बच निकला था।
CCTV और DNA से हो रही पहचान की पुष्टि
ब्लास्ट साइट से एक कटा हुआ हाथ बरामद किया गया है, जिसे संदिग्ध हमलावर का बताया जा रहा है। डीएनए मिलान के लिए डॉ. उमर की मां और भाई के सैंपल लिए गए हैं। कश्मीर पुलिस ने दोनों को पुलवामा से हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, यदि DNA मैच हो जाता है, तो यह पुख्ता हो जाएगा कि लाल किला विस्फोट एक फिदायीन हमला था।
गिरफ्तार सहयोगी डॉक्टरों से पूछताछ जारी
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सोमवार को फरीदाबाद से डॉ. मुजम्मिल शकील और लखनऊ से महिला डॉक्टर शाहीन शाहिद को पकड़ा। दोनों मेडिकल प्रोफेशन से जुड़े थे और कथित रूप से आतंकी नेटवर्क के लिए रासायनिक विस्फोटक जुटाने का काम कर रहे थे।
पुलिस ने खुलासा किया कि शाहीन की कार से AK-47 राइफल और जिंदा कारतूस बरामद हुए। मुजम्मिल के कमरे से 360 किलो विस्फोटक सामग्री जब्त की गई। दोनों के मोबाइल और लैपटॉप से कई एन्क्रिप्टेड चैट्स और टेलीग्राम चैनल्स की जानकारी मिली है, जो जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों से संबंध दिखाते हैं।
इसके अलावा, 7 नवंबर को पुलिस ने अनंतनाग के डॉ. आदिल अहमद को यूपी के सहारनपुर से गिरफ्तार किया था। आदिल पहले सरकारी मेडिकल कॉलेज अनंतनाग में डॉक्टर था और 2024 में इस्तीफा देकर उत्तर प्रदेश में प्रैक्टिस कर रहा था।
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