‘पुतिन पूरा यूक्रेन लेना चाहते थे, लेकिन अब…’ अलास्का जाते हुए ट्रंप का बड़ा दावा, देखें वीडियो
जब दुनिया एक बार फिर जंग और शांति के दोराहे पर खड़ी है, तब एक बेहद अहम मुलाकात ने सबकी निगाहें अपनी ओर खींच ली हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज अलास्का के एंकरेज शहर में आमने-सामने होने जा रहे हैं। ये वही ट्रंप हैं जिन्होंने अपने पिछले कार्यकाल में पुतिन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी थी, और अब जब वो फिर सत्ता में लौटे हैं, तो एक नई उम्मीद लेकर आए हैं, शायद ये जंग अब रुक जाए।
डोनाल्ड ट्रंप जब ‘एयरफोर्स वन’ में सवार हुए तो मीडिया से कुछ कहे बिना सिर्फ हाथ हिलाया, लेकिन अलास्का के सफर के दौरान उन्होंने कई बड़ी बातें कही। उनका कहना था, “मैं ये अपने हेल्थ या पब्लिसिटी के लिए नहीं कर रहा। मुझे इसकी ज़रूरत नहीं है। मैं ये हज़ारों ज़िंदगियां बचाने के लिए कर रहा हूं।” उनके इस जज्बे ने ये दिखा दिया कि वो इस बार सिर्फ पॉलिटिक्स नहीं, इंसानियत के लिए आगे आए हैं।
पुतिन अब पूरा यूक्रेन नहीं लेंगे- ट्रंप का दावा
ट्रंप ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा, “पुतिन पूरा यूक्रेन लेना चाहते थे, लेकिन अगर मैं राष्ट्रपति न होता तो वो अब तक ले चुके होते। अब ऐसा नहीं होगा।” इस बयान ने पूरे यूरोप में हलचल मचा दी है। ट्रंप का ये भी कहना है कि वो पुतिन के साथ टेरिटोरियल स्वैप (यानी जमीन के लेन-देन) पर बातचीत जरूर करेंगे, लेकिन अंतिम फैसला यूक्रेन का ही होगा।
मुझे लगता है, कुछ न कुछ जरूर होगा- ट्रंप
रास्ते में मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने पुतिन को ‘स्मार्ट’ बताया और कहा, “वो लंबे समय से हैं, वो जानते हैं कि क्या करना है। मुझे लगता है, कुछ न कुछ जरूर होगा।” इस लाइन में जहां एक तरफ पुतिन की पॉलिटिकल शख्सियत की तारीफ थी, वहीं दूसरी ओर एक संकेत भी था ट्रंप खुद भी किसी मोहरे से कम नहीं।
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न्यूक्लियर डील की भी उम्मीद
इस समिट में सबसे बड़ी बातचीत न्यूक्लियर आर्म्स कंट्रोल को लेकर भी हो सकती है, लेकिन असली पेच उस 20% यूक्रेनी इलाके को लेकर है जिस पर रूस ने कब्जा कर रखा है। पुतिन इन इलाकों को अपने पास रखना चाहते हैं, जबकि यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की पहले ही साफ कर चुके हैं कि वो डोनबास और पूर्वी इलाका किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे। उनका डर ये है कि अगर अब पीछे हटे तो “पुतिन तीसरा युद्ध शुरू कर देंगे।”
पुतिन और जेलेंस्की को एक टेबल पर लाने की कोशिश
ट्रंप का टारगेट साफ है वो चाहते हैं कि पुतिन और जेलेंस्की सीधे एक टेबल पर बैठें। इसीलिए उन्होंने कहा है कि अगर आज की मीटिंग ठीक रही, तो वो तुरंत एक और मीटिंग फिक्स करने की कोशिश करेंगे जिसमें जेलेंस्की और यूरोपियन लीडर्स शामिल होंगे। ट्रंप ने कहा, “मैं उनके लिए नेगोशिएट करने नहीं आया हूं, मैं सिर्फ रास्ता खोलना चाहता हूं।”
जेलेंस्की और यूरोपियन नेताओं से बात
ट्रंप ने वादा किया है कि मीटिंग के बाद वो तुरंत जेलेंस्की और यूरोपियन नेताओं को फोन करेंगे और हालात से अवगत कराएंगे। उन्होंने ये भी कहा है कि अगर माहौल अच्छा नहीं रहा, तो वो सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और निकल जाएंगे। ट्रंप के इस बयान में एक साफ चेतावनी भी छिपी है अगर शांति नहीं बनी, तो अमेरिका रूस पर कड़े कदम उठाएगा।
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