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किसी को पागल तो किसी को जेल की धमकी… मस्‍क से लेकर सुंदर पिचाई तक, इन CEO पर निशाना साध चुके ट्रंप

दुनिया की राजनीति और टेक्नोलॉजी जब आपस में टकराते हैं, तो उसमें चर्चा और विवाद दोनों ही पैदा होते हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ऐसी ही एक शख्सियत हैं, जिन्होंने न केवल सियासत में बल्कि कॉरपोरेट वर्ल्ड में भी अपनी बेबाकी और तीखी जुबान से तूफान ला दिया है। ट्रंप की राजनीतिक सोच और टेक्नोलॉजी कंपनियों के CEO की नीतियां जब-जब आमने-सामने आईं, तो हर बार विवाद और बयानबाज़ी की नई कहानी लिखी गई।

ट्रंप की जुबान से निकले शब्द अकसर सोशल मीडिया पर वायरल हो जाते हैं। चाहे वो एलन मस्क हों, सुंदर पिचाई, मार्क जुकरबर्ग, टिम कुक, या फिर इंटेल के CEO लिपु-बू टैन—इन सभी को ट्रंप ने कभी न कभी अपने निशाने पर लिया है। कभी आरोप, कभी धमकी, तो कभी खुलेआम तंज, ट्रंप ने अपनी बात कहने में कभी कोताही नहीं बरती।

इंटेल के CEO से मांगा इस्तीफा

हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने इंटेल के CEO लिपु-बू टैन को तुरंत इस्तीफा देने की मांग की है। ट्रंप का कहना है कि टैन के चीनी कंपनियों से गहरे संबंध हैं, जो अमेरिका की सुरक्षा और आर्थिक हितों के लिए खतरा बन सकते हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “Truth” पर पोस्ट करते हुए यह बात सार्वजनिक रूप से कही कि इस समस्या का कोई दूसरा समाधान नहीं है, और टैन को पद छोड़ देना चाहिए। ट्रंप का यह अंदाज नया नहीं है, लेकिन हर बार वह अपनी बात कुछ इस कड़वाहट के साथ रखते हैं कि दुनिया भर में सुर्खियां बन जाती हैं।

एलन मस्क से रिश्ते और फिर दूरी

एलन मस्क, जो कभी ट्रंप के राजनीतिक समर्थन में खुले तौर पर खड़े नजर आते थे, अब ट्रंप की आलोचना के शिकार हो चुके हैं। ट्रंप ने मस्क पर तंज कसते हुए कहा कि अरबपति मस्क “पागल हो गया है”। उन्होंने यह भी धमकी दी कि अगर मस्क की कंपनियों Tesla और SpaceX ने अमेरिका के हितों के खिलाफ काम किया, तो उनकी फेडरल सब्सिडी और कॉन्ट्रैक्ट में कटौती कर दी जाएगी।

इतना ही नहीं, ट्रंप ने न्याय विभाग से यह भी कहा कि DOGE (Department of Justice) मस्क के कॉन्ट्रैक्ट्स पर कड़ी नजर रखे। यह बयान उस समय आया जब मस्क और ट्रंप के बीच राजनीतिक मतभेद उभरकर सामने आए थे। मस्क का व्यक्तित्व जितना बड़ा है, ट्रंप का अहंकार उससे कम नहीं—और जब दोनों टकराते हैं तो नतीजे इसी तरह के होते हैं।

गूगल और सुंदर पिचाई पर आरोप

ट्रंप का अगला निशाना बना दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन गूगल और उसके CEO सुंदर पिचाई। ट्रंप ने एक इंटरव्यू में गूगल पर यह गंभीर आरोप लगाया कि उनका सर्च एल्गोरिदम पक्षपाती है और जानबूझकर ट्रंप के खिलाफ नेगेटिव खबरें दिखाता है।

उन्होंने दावा किया कि जब वे खुद अच्छी खबरें देखते हैं, तो उन्हें गूगल पर खोजना मुश्किल होता है। ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि “गूगल मेरे साथ अच्छा व्यवहार नहीं करता”। सुंदर पिचाई को ट्रंप ने सीधे फोन करके अपनी नाराजगी जाहिर की थी। ट्रंप का यह आरोप अमेरिकी राजनीति में डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

ट्रंप ने जुकरबर्ग को दी जेल की धमकी

फेसबुक (अब मेटा) के CEO मार्क जुकरबर्ग भी ट्रंप की तीखी आलोचना का शिकार बने। ट्रंप ने कहा कि जुकरबर्ग ने उनसे कहा था कि फेसबुक पर ट्रंप जैसा कोई नहीं है, लेकिन फिर भी उनके खिलाफ काम किया गया। ट्रंप का आरोप है कि जुकरबर्ग ने फेसबुक को उनके विरोध में इस्तेमाल किया।

सबसे चौंकाने वाला बयान तब आया जब ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा कि “अगर जुकरबर्ग ने इस बार कुछ भी अवैध किया, तो वह अपना शेष जीवन जेल में बिताएगा।” ये शब्द किसी आम विरोधी के लिए नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी के मुखिया के लिए कहे गए थे।

Apple और टिम कुक पर ट्रेड वॉर की तलवार

Apple के CEO टिम कुक को ट्रंप ने उन अमेरिकी कंपनियों की लिस्ट में रखा है जो विदेशी उत्पादन को बढ़ावा देती हैं। ट्रंप की नाराजगी इस बात पर थी कि अमेरिका में बिकने वाले iPhones भारत या अन्य देशों में बनाए जाते हैं।

मई में दोहा में टिम कुक के साथ एक बैठक के बाद ट्रंप ने कहा कि उन्होंने Apple से उम्मीद की थी कि उनके प्रोडक्ट अमेरिका में बनाए जाएंगे। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी थी कि अगर Apple विदेशों में iPhone बनाता है, तो उन पर 25% टैरिफ टैक्स लगाया जा सकता है। यह एक तरह का ट्रेड प्रेशर था, जिससे अमेरिकी उत्पादन को बढ़ावा देने की कोशिश की गई।

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