NHAI ने बनाया दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, 24 घंटे में बना दिया 29 किमी सड़क, देखें VIDEO

NHAI ने बनाया दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, 24 घंटे में बना दिया 29 किमी सड़क, देखें VIDEO
Bengaluru Vijayawada Economic Corridor

NHAI World Record: भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक नया इतिहास रचते हुए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने आंध्र प्रदेश में बेंगलुरु–कडप्पा–विजयवाड़ा इकोनॉमिक कॉरिडोर पर दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं। इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत महज 24 घंटे के भीतर करीब 28.95 किलोमीटर सड़क का निर्माण कर रिकॉर्ड बनाया गया है। इसके साथ ही एक दिन में 10,675 मीट्रिक टन बिटुमिनस कंक्रीट (डामर) बिछाने का भी विश्व रिकॉर्ड दर्ज किया गया।

यह उपलब्धि बेंगलुरु–विजयवाड़ा एक्सप्रेसवे (NH-544G) पर हासिल की गई, जो भारतमाला परियोजना के फेज-2 का एक अहम हिस्सा है।

24 घंटे में डबल लेन सड़क का निर्माण

इस रिकॉर्ड को अंजाम देने वाली कंपनी राजपथ इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड है, जिसने तय समय में 14.5 किलोमीटर डबल लेन सड़क, यानी कुल मिलाकर लगभग 29 किलोमीटर सड़क, तैयार की। इतनी बड़ी मात्रा में सड़क निर्माण और डामर बिछाने का काम बेहद सीमित समय में पूरा करना तकनीकी और प्रबंधन के लिहाज से एक बड़ी चुनौती माना जाता है।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने इस पूरे काम की निगरानी की और सभी मानकों के पूरा होने के बाद इसे आधिकारिक तौर पर रिकॉर्ड के रूप में मान्यता दी।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जताया गर्व

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा किया। उन्होंने इसे भारत और आंध्र प्रदेश दोनों के लिए गर्व का क्षण बताया और कहा कि यह उपलब्धि देश की तेजी से बढ़ती इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री ने इस रिकॉर्ड को राज्य के विकास और आधुनिक सड़क नेटवर्क की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

भारतमाला फेज-2 का अहम हिस्सा है यह प्रोजेक्ट

बेंगलुरु–कडप्पा–विजयवाड़ा इकोनॉमिक कॉरिडोर को भारतमाला परियोजना के दूसरे चरण के तहत विकसित किया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड, दोनों तरह के निर्माण को मिलाकर तैयार किया जा रहा है।

इस एक्सप्रेसवे के बनने से यात्रियों को भीड़भाड़ वाले शहरों और पुराने, संकरे हाईवे से होकर गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे सफर ज्यादा सुरक्षित, तेज और आरामदायक होगा।

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624 किलोमीटर लंबा है पूरा एक्सप्रेसवे

इस इकोनॉमिक कॉरिडोर की कुल लंबाई 624 किलोमीटर है। इसे अलग-अलग हिस्सों में विकसित किया जा रहा है:

ग्रीनफील्ड सेक्शन:

  • कोडिकोंडा से अडंकी/मुप्पावरम तक
  • लंबाई लगभग 342 किलोमीटर

ब्राउनफील्ड सेक्शन:

  • बेंगलुरु से कोडिकोंडा (करीब 73 किमी, NH-44 पर)
  • अडंकी से विजयवाड़ा (करीब 113 किमी, NH-16 पर)

इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 19,320 करोड़ रुपये है।

किन जिलों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे?

यह हाई-स्पीड कॉरिडोर आंध्र प्रदेश के कई अहम जिलों से होकर गुजरेगा, जिनमें शामिल हैं:

  • गुंटूर
  • प्रकाशम
  • कुर्नूल
  • कडप्पा

इसके पूरा होने के बाद अमरावती से बेंगलुरु का सफर, जो अभी लगभग 11–12 घंटे का होता है, घटकर करीब 6 घंटे का रह जाएगा। इससे न सिर्फ यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि माल ढुलाई और व्यापारिक गतिविधियों को भी बड़ा फायदा होगा।

ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड का मतलब क्या है?

भारतमाला परियोजना में इस्तेमाल होने वाले ये दोनों शब्द इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के तरीके को बताते हैं।

ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट: ग्रीनफील्ड का मतलब है बिल्कुल नई जगह पर नई सड़क या हाईवे का निर्माण, जहां पहले कोई सड़क या ढांचा मौजूद नहीं होता। इसमें खाली जमीन पर आधुनिक डिजाइन के साथ नया एक्सप्रेसवे बनाया जाता है।

ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट: ब्राउनफील्ड में पहले से मौजूद सड़क या इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया जाता है। जैसे किसी पुरानी 2 या 4 लेन सड़क को चौड़ा कर 6 लेन या एक्सप्रेसवे में बदलना।

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