‘इश्क’ के जाल में फंस गया मेक्सिको का सबसे बड़ा ड्रग माफिया, गर्लफ्रेंड की वजह से ढेर हुआ अल मेंचो!
El Mencho: मेक्सिको में कुख्यात ड्रग माफिया अल मेंचो की मौत के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) के सरगना रहे अल मेंचो की मौत की खबर फैलते ही देश के अलग-अलग हिस्सों में हिंसा भड़क उठी। सुरक्षा मंत्री ओमर गार्सिया हारफुच के मुताबिक, अब तक एक जेल गार्ड, राज्य अभियोजन कार्यालय का एक कर्मचारी और कार्टेल के करीब 30 सदस्य मारे जा चुके हैं। वहीं जलिस्को राज्य में कम से कम 25 नेशनल गार्ड जवानों की भी जान गई है।
सुरक्षा एजेंसियां कई सालों से अल मेंचो को पकड़ने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन वह हर बार बच निकलता था। जांच के दौरान एजेंसियों को उसकी गर्लफ्रेंड के बारे में जानकारी मिली। बताया जाता है कि अल मेंचो उस पर आंख मूंदकर भरोसा करता था। एजेंसियों ने सीधे संपर्क करने के बजाय उसके करीबी एक शख्स के जरिए जानकारी जुटाई। इसी कड़ी में उसके ठिकाने तक पहुंचने का रास्ता साफ हुआ।
21 फरवरी को बदला खेल, शुरू हुआ ऑपरेशन
रिपोर्ट के अनुसार, 21 फरवरी को उसकी गर्लफ्रेंड उसे छोड़कर वहां से चली गई, जबकि अल मेंचो अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ वहीं रुका रहा। इसके बाद सुरक्षाबलों ने कार्रवाई की योजना को अंतिम रूप दिया और अगले 24 घंटे के भीतर संयुक्त अभियान शुरू कर दिया।
तापाल्पा में मुठभेड़, जंगल में घेरकर पकड़ा गया
रविवार सुबह सेना, नेशनल गार्ड और वायुसेना की टीमों ने तापाल्पा के बाहरी इलाके में स्थित एक केबिन को घेर लिया। जैसे ही जवान आगे बढ़े, कार्टेल के गार्ड्स ने फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ में 6 से 8 कार्टेल सदस्य मारे गए और तीन सैनिक घायल हुए। इसके बाद अल मेंचो अपने साथियों के साथ जंगल की ओर भाग गया, लेकिन स्पेशल फोर्स ने पीछा करते हुए उसे ढूंढ निकाला और दूसरी मुठभेड़ में गंभीर हालत में पकड़ लिया।
रास्ते में हुई मौत, अमेरिका से मिली थी इनपुट
अधिकारियों के अनुसार, अल मेंचो को हेलिकॉप्टर से राजधानी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इस ऑपरेशन में अमेरिका से मिली खुफिया जानकारी ने अहम भूमिका निभाई, हालांकि जमीनी कार्रवाई में कोई अमेरिकी बल शामिल नहीं था। उसकी गिरफ्तारी पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का इनाम घोषित था।
20 राज्यों में फैली हिंसा, सड़कों पर आगजनी
अल मेंचो की मौत की खबर फैलते ही जलिस्को समेत करीब 20 राज्यों में हिंसा भड़क उठी। कार्टेल के लोगों ने कई जगहों पर सड़कें जाम कर दीं। कहीं सड़कों पर कीलें बिखेरी गईं तो कहीं बसों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। कई शहरों में बैंक और दुकानों को भी नुकसान पहुंचाया गया।
हालात काबू में लाने के लिए सेना तैनात
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सरकार ने बड़े स्तर पर सुरक्षा बल तैनात किए हैं। राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाउम ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि देश में शांति और सुरक्षा बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। अब तक करीब 9,500 सैनिक तैनात किए जा चुके हैं, जिनमें पश्चिमी मेक्सिको में भेजे गए अतिरिक्त 2,500 जवान भी शामिल हैं।