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सीरिया को नहीं बचा पाई ट्रंप की दोस्‍ती, इजरायल ने सैन‍िक भेजकर कई इलाकों पर किया कब्जा, भड़केगी जंग?

मध्य-पूर्व की धरती एक बार फिर तनाव की आंच में तपने लगी है। इस बार केंद्र में हैं इजरायल और सीरिया दो ऐसे देश, जिनके बीच की तल्ख़ियाँ इतिहास में दर्ज हैं। लेकिन अब जो हो रहा है, वह ना सिर्फ सीमा विवाद है, बल्कि संप्रभुता और क्षेत्रीय स्थिरता का बड़ा सवाल बनता जा रहा है।

बीते दिनों सीरिया ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि इजरायल ने उसके सीमाई इलाकों में घुसपैठ की, 60 से ज्यादा सैनिक भेजे और माउंट हर्मोन के आस-पास के कुछ इलाकों पर कब्जा कर लिया। यह घटना केवल सैन्य कदम नहीं है, बल्कि दोनों देशों के रिश्तों पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न है, और पूरी दुनिया की नजर अब इस हिस्से पर टिक गई है।

माउंट हर्मोन: पहाड़, जो अब विवाद की जड़ बन चुका है

सीरिया के विदेश मंत्रालय ने जो बात कही, उसने सभी को चौंका दिया। उनके अनुसार, इजरायली सैनिक सीमाई नियंत्रण को लांघते हुए माउंट हर्मोन के आसपास दाखिल हुए, कई इलाकों पर नियंत्रण कर लिया और यहां तक कि 6 सीरियाई नागरिकों को भी गिरफ्तार कर लिया। सीरिया ने इस कदम को “संप्रभुता का खुला उल्लंघन” बताया है और चेताया है कि यह पूरे क्षेत्र की शांति के लिए खतरे की घंटी है।

इजरायल की ओर से अब तक कोई औपचारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यह वही इलाका है जो पहले से ही हथियारों की तस्करी और आतंकवादी संगठनों के नेटवर्क के लिए बदनाम रहा है। यही वह ज़ोन है जहां से ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह और फिलिस्तीनी गुटों को हथियारों की आपूर्ति होती रही है। इजरायल का कहना है कि उसके लिए यह इलाका सीधे उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।

ट्रंप प्रशासन से करीबी भी काम नहीं आई

इस पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बना देता है अमेरिका का वह प्रयास जो दक्षिण सीरिया में संघर्ष को शांत करने के लिए किया जा रहा था। कई महीनों से अमेरिका के मध्यस्थ प्रयासों के तहत सीरिया और इजरायल के बीच बातचीत का दौर चल रहा था, और उम्मीद की जा रही थी कि एक स्थायी समझौता हो सकेगा।

लेकिन इजरायल की यह सैन्य कार्रवाई इन उम्मीदों पर पानी फेरती दिख रही है। सीरिया का आरोप है कि इजरायल, अमेरिका के साथ अपनी मजबूत दोस्ती का फायदा उठाकर मनमानी कर रहा है। वह इस ‘राजनयिक छांव’ में सैन्य दखल दे रहा है, जबकि अमेरिका इसे रोकने में विफल रहा है। यहां तक कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से नजदीकी रिश्ते भी सीरिया को इस सैन्य कार्रवाई से नहीं बचा सके।

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ड्रूज़ समुदाय की आड़ में इजरायल की रणनीति?

इजरायल ने इस पूरी कार्रवाई का औचित्य यह बताया है कि वह सीरिया के दक्षिणी हिस्से में बसे अल्पसंख्यक ड्रूज़ समुदाय की रक्षा के लिए कदम उठा रहा है। जुलाई में जब स्वीदा प्रांत में खूनी झड़पें हुई थीं, तब इजरायल ने दावा किया था कि उसने ड्रूज़ नागरिकों की सामूहिक हत्या को रोकने के लिए हवाई हमले किए थे।

जनवरी में इजरायल के रक्षा मंत्री ने भी स्पष्ट किया था कि इजरायली सेना माउंट हर्मोन क्षेत्र में अनिश्चितकाल तक बनी रहेगी। इसके बाद से इजरायल ने इस इलाके को एक तरह का “सुरक्षा क्षेत्र” बना दिया है, जहां नियमित गश्त, चेकपोस्ट और निगरानी की जा रही है। लेकिन सीरिया इस तर्क को महज बहाना मानता है और इसे अपने क्षेत्रीय अधिकारों का अपहरण करार देता है।

माउंट हर्मोन पर कब्जा क्यों है चिंता की वजह?

इस पूरी स्थिति को सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई के रूप में देखना गलत होगा। यह सीधा हमला है सीरिया की राजनैतिक और भौगोलिक संप्रभुता पर। इससे सिर्फ सीरिया-इजरायल के बीच का तनाव नहीं बढ़ेगा, बल्कि लेबनान, हिज़्बुल्लाह और फिलिस्तीनी उग्रवादी गुटों के साथ इजरायल के रिश्ते और अधिक विषाक्त हो सकते हैं।

साथ ही, अमेरिका की मध्यस्थता से चल रही शांति वार्ताएं भी अब अधर में लटकती नजर आ रही हैं। यह कार्रवाई मध्य-पूर्व के उस संतुलन को झकझोर सकती है, जिसे बनाए रखने के लिए वर्षों से कूटनीतिक कोशिशें हो रही थीं। एक अस्थिर सीरिया, एक मुखर इजरायल और एक खामोश अमेरिका यह त्रिकोण फिलहाल भविष्य को और अधिक अनिश्चित बनाता जा रहा है।

क्या अब और गहराएगा टकराव?

यह कहना जल्दबाजी होगी कि आने वाले दिनों में क्या होगा, लेकिन संकेत अच्छे नहीं हैं। जिस तरह से इजरायल सीरिया की सीमा में गहराई तक घुस गया है, यह दर्शाता है कि वह अब केवल जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहता। उसकी रणनीति अब प्रिवेंटिव मिलिट्री कंट्रोल की तरफ बढ़ रही है, यानी खतरे से पहले ही उसे खत्म कर देना।

सीरिया के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। पहले से ही युद्ध, आंतरिक संघर्ष और आर्थिक तबाही से जूझता यह देश अब एक नई सैन्य चुनौती का सामना कर रहा है। अगर यह टकराव यूं ही आगे बढ़ता रहा, तो पूरा मध्य-पूर्व एक बार फिर युद्ध की दहलीज पर आ सकता है।

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Shreeom Singh

Shreeom Singh is a Digital Journalist with over 3 years of experience in the media industry. Having worked with prestigious organizations like Bharat 24, Network 10, and APN News. Shreeom specializes in a wide spectrum of beats, including World, Sports, Business, Lifestyle, and Health. He is dedicated to delivering well-researched and engaging stories to a global audience.

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