इजरायल-अमेरिका ने मिलकर ईरान पर किया हमला, खामेनेई के घर को उड़ाया, 30 जगह धमाके, देखें VIDEO
Israel Attacks Iran: मध्य-पूर्व में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिख रहा है। इजरायल द्वारा ईरान पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमले किए जाने की खबरों ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है। अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स में कई बड़े दावे किए गए हैं, हालांकि इन दावों में से कई की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
खामेनेई के घर पर हमले का दावा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल ने मिसाइल हमलों के जरिए ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के आवास को निशाना बनाया। कुछ सूत्रों का कहना है कि यह ठिकाना हमले में तबाह हो गया।
हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि हमले के समय खामेनेई उस स्थान पर मौजूद नहीं थे। इस पूरे दावे को लेकर ईरान की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
राष्ट्रपति पर भी निशाना साधने की बात
इजरायली सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह हमला सफल रहा या नहीं। ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय या सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
तेहरान में कई धमाके, शहर में अफरातफरी
शनिवार को तेहरान के डाउनटाउन इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शहर के कई हिस्सों में विस्फोट हुए, जिससे लोगों में डर और अफरातफरी का माहौल बन गया।
ईरान की अर्ध-आधिकारिक एजेंसी फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि यूनिवर्सिटी स्ट्रीट और जुम्हूरी इलाके में मिसाइलें गिरीं। कई जगहों से धुएं के गुबार उठते देखे गए।
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करीब 30 ठिकानों को निशाना बनाने का दावा
इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इस हमले में ईरान के लगभग 30 ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें सैन्य ठिकाने और खुफिया प्रतिष्ठान शामिल बताए जा रहे हैं।
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि राष्ट्रपति के आवास और एक इंटेलिजेंस मुख्यालय को भी टारगेट किया गया। हालांकि, इन दावों की पुष्टि ईरान की ओर से नहीं की गई है।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया और संयुक्त ऑपरेशन का दावा
अल जजीरा ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह कार्रवाई अमेरिका और इजरायल का संयुक्त सैन्य अभियान हो सकती है।
हालांकि, अमेरिका की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे स्थिति और भी अस्पष्ट बनी हुई है।
इजरायल का बयान: सुरक्षा के लिए ‘प्री-एम्प्टिव अटैक’
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने इस कार्रवाई को देश की सुरक्षा से जुड़ा कदम बताया है।
उन्होंने कहा कि यह हमला संभावित खतरों को खत्म करने के उद्देश्य से किया गया “प्री-एम्प्टिव अटैक” है। उनके बयान से यह संकेत मिलता है कि कार्रवाई पहले से योजना के तहत की गई थी।
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