न्यूयॉर्क मेयर चुनाव जीते भारतीय मूल के जोहरान ममदानी, ‘धूम मचा ले’ गाने पर झूमकर मनाया जश्न, VIDEO

न्यूयॉर्क मेयर चुनाव जीते भारतीय मूल के जोहरान ममदानी, ‘धूम मचा ले’ गाने पर झूमकर मनाया जश्न, VIDEO

Zohran Mamdani: भारतीय मूल के डेमोक्रेट उम्मीदवार जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क के मेयर चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। ममदानी ने कुल 50.4 प्रतिशत वोट हासिल किए और इस जीत के साथ वे न्यूयॉर्क के इतिहास में पिछले सौ वर्षों में सबसे युवा, पहले भारतीय मूल के और पहले मुस्लिम मेयर बन गए हैं।

जोहरान ममदानी मशहूर फिल्म निर्देशक मीरा नायर और शिक्षाविद महमूद ममदानी के बेटे हैं। मीरा नायर ‘मानसून वेडिंग’, ‘सलाम बॉम्बे’ और ‘द नेमसेक’ जैसी अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त फिल्मों के लिए जानी जाती हैं। बेटे की जीत के क्षणों में मां और पिता दोनों मंच पर मौजूद रहे और भावुक माहौल के बीच मीरा नायर ने बेटे को गले लगाकर उसकी सफलता का जश्न मनाया।

विजय भाषण में किया नेहरू का जिक्र

अपनी जीत के बाद दिए गए भाषण में जोहरान ममदानी ने भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के ऐतिहासिक भाषण ‘ट्रिस्ट विद डेस्टिनी’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “इतिहास में बहुत कम ऐसे पल आते हैं, जब हम पुराने से निकलकर नए की ओर कदम बढ़ाते हैं। जब एक युग समाप्त होता है और राष्ट्र की आत्मा अपनी आवाज़ पाती है। आज रात न्यूयॉर्क के लिए भी वही पल है जब हम पुराने से नए की ओर बढ़ रहे हैं।”

ममदानी ने अपनी जीत को “न्यूयॉर्क में बदलाव की शुरुआत” बताया और कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों की जीत है जो सस्ते घर, बेहतर जीवन और समान अवसरों वाले शहर का सपना देखते हैं।

ममदानी ने बॉलीवुड अंदाज में मनाया जश्न

विजय भाषण खत्म होते ही कार्यक्रम का माहौल बॉलीवुड रंग में रंग गया। फिल्म धूम का प्रसिद्ध गीत ‘धूम मचा ले’ बजते ही जोहरान ममदानी अपनी पत्नी रमा दुबाज्जी और मां मीरा नायर के साथ मंच पर झूमने लगे।

समर्थक तालियां बजाते और नारे लगाते हुए उत्साह से भर उठे। पूरे कार्यक्रम में भारतीय संगीत और संस्कृति की झलक देखने को मिली। यह नजारा दर्शाता था कि ममदानी ने अपनी भारतीय पहचान को कभी पीछे नहीं छोड़ा, बल्कि गर्व से उसे अपनी राजनीतिक यात्रा का हिस्सा बनाया।

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अमेरिकी मीडिया का रिएक्शन

जोहरान ममदानी की जीत ने अमेरिकी मीडिया में भी नई बहस छेड़ दी है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने उनकी जीत को “एक असंभव लगने वाली दौड़” बताया, जबकि न्यूयॉर्क पोस्ट ने उन्हें “कम्युनिस्ट झुकाव वाला नेता” बताते हुए ‘द रेड एपल’ की उपाधि दी।

हालांकि उनके समर्थकों का कहना है कि ममदानी की लोकप्रियता उनकी ईमानदारी, जनता से जुड़ाव और बेबाक नीतियों की वजह से बढ़ी।

ममदानी की जीत के चार बड़े कारण-

  1. महंगाई और सस्ते घर का मुद्दा

ममदानी ने अपने चुनाव अभियान में सबसे ज्यादा जोर महंगाई और हाउसिंग संकट पर दिया। उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क आम लोगों के लिए अब बेहद महंगा हो गया है और सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हर नागरिक को सस्ता और सुरक्षित घर मिले।

उनका नारा था- “एक ऐसा शहर जो हम अफोर्ड कर सकें।” यह संदेश सीधे आम जनता के दिल में उतर गया।

  1. जनता से सीधा जुड़ाव और नीति

ममदानी ने पारंपरिक राजनीतिक भाषणों की बजाय सीधे और स्पष्ट शब्दों में जनता से बात की। उन्होंने खुलकर कहा कि अमीरों पर टैक्स बढ़ाना होगा ताकि गरीब और मध्यम वर्ग की जिंदगी आसान बन सके। उनके रैलियों में नारे गूंजते थे- “घर हमारा हक है, एहसान नहीं।”

  1. सोशल मीडिया और ग्राउंड कनेक्ट

बिना किसी बड़े नेता के समर्थन के बावजूद ममदानी ने इंटरनेट और सोशल मीडिया का शानदार इस्तेमाल किया। उन्होंने युवाओं से जुड़ने के लिए स्कैवेंजर हंट, फुटबॉल टूर्नामेंट, और LGBTQ बार में पॉप-अप इवेंट जैसे अनोखे प्रयोग किए।

उनकी टीम ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इंटरएक्टिव कैंपेन चलाकर बड़ी संख्या में युवा मतदाताओं को जोड़ा।

  1. युवा कार्यकर्ताओं की टीम

उनकी प्रचार टीम में ज्यादातर युवा और नए स्वयंसेवक थे। कई कार्यकर्ताओं ने पहली बार चुनावी अभियान में हिस्सा लिया, लेकिन उनकी ऊर्जा और रचनात्मकता ने ममदानी की पूरी कैंपेन को अलग पहचान दी। उनकी यह टीम पारंपरिक रणनीतिकारों से कहीं ज्यादा प्रभावशाली साबित हुई।

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