भारत और इंग्लैंड के बीच चौथा टेस्ट ड्रॉ रहने के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की रणनीतियों को लेकर पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। मांजरेकर का मानना है कि गंभीर के कुछ रणनीतिक फैसले लाल गेंद के क्रिकेट में उपयुक्त नहीं रहे हैं और भारत का प्रदर्शन खिलाड़ियों की व्यक्तिगत मेहनत का परिणाम है, न कि कोचिंग रणनीति का।
गंभीर की रणनीति से नाखुश मांजरेकर
मांजरेकर ने कहा, “गंभीर के कुछ फैसलों के बावजूद भारत ने अच्छा प्रदर्शन किया है। यह मत भूलिए कि भारत अपने ही घर में न्यूजीलैंड से 0-3 से हारा और ऑस्ट्रेलिया में भी टीम को आसानी से हार का सामना करना पड़ा। मौजूदा टीम में जो जुझारूपन दिखाई दे रहा है, वह खिलाड़ियों के कारण है, गंभीर की रणनीति के कारण नहीं। खासतौर पर चयन से जुड़े उनके कुछ फैसले बेहद सवालों के घेरे में हैं।”
गिल की आलोचना पर गंभीर के पलटवार से भी मांजरेकर असहमत
मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में गंभीर ने शुभमन गिल की आलोचना करने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि “अगर किसी को गिल की प्रतिभा पर शक है तो शायद उन्हें क्रिकेट की समझ नहीं है।” इस बयान पर भी मांजरेकर ने प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा, “गंभीर को हर सवाल को आलोचना की तरह नहीं लेना चाहिए। गिल को कप्तान बनाने के फैसले को लेकर कुछ संदेह जरूर थे, और ये पूरी तरह से जायज हैं। यहां तक कि क्रिकेट को गहराई से समझने वाले लोग भी सोचते हैं कि क्या यह सही समय था उन्हें ये जिम्मेदारी देने का।”
करुण नायर के मुद्दे पर भी गंभीर को घेरा
मांजरेकर ने करुण नायर को लेकर गंभीर के बयान को भी खारिज कर दिया। गंभीर ने कहा था कि नायर को बाहर नहीं किया गया बल्कि बेस्ट इलेवन का चयन किया गया था। इस पर मांजरेकर ने कहा, “अगर कोई खिलाड़ी टीम से हटाया गया है, तो उसे बाहर किया गया है। इसे केवल ‘सही टीम चुनना’ कहकर टाल नहीं सकते।”
पांचवां टेस्ट निर्णायक होगा
बता दें कि भारत और इंग्लैंड के बीच पांचवां और अंतिम टेस्ट 31 जुलाई से लंदन के द ओवल में खेला जाएगा। फिलहाल इंग्लैंड सीरीज में 2-1 से आगे है और भारत को सीरीज बचाने के लिए जीत की सख्त जरूरत होगी।