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अब ChatGpt से कर पाएंगे दिल की बात, एडल्ट के लिए आ रहा नया फीचर, Introverts को आएगा खूब पसंद!

OpenAI अपने लोकप्रिय AI चैटबॉट ChatGPT में एक नई सुविधा लाने की तैयारी कर रहा है, जो यूजर्स को संवेदनशील और वयस्क (एडल्ट) विषयों पर बातचीत करने की अनुमति देगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी दिसंबर 2025 तक इस फीचर को रोलआउट करने की योजना बना रही है।

इस नई सुविधा के तहत, यूजर्स को एज वेरिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिससे सुनिश्चित किया जा सके कि केवल योग्य वयस्क ही संवेदनशील कंटेंट तक पहुंच सकें। OpenAI के अनुसार, यह कदम उन यूजर्स के लिए लिया गया है जो प्लेटफॉर्म पर लंबे और व्यक्तिगत स्तर की बातचीत करना चाहते हैं, जो फिलहाल पेरेंटल कंट्रोल या कंटेंट फिल्टर्स के कारण संभव नहीं थी।

एडल्ट और संवेदनशील विषयों पर बातचीत

अभी तक, OpenAI ने ChatGPT में टीनएजर्स और संवेदनशील टॉपिक्स के लिए कई प्रतिबंध लगाए हुए हैं। इनमें आत्महत्या, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े जोखिम और एडल्ट कंटेंट शामिल हैं। ऐसे मामलों में AI केवल सामान्य जानकारी दे सकता है, लेकिन सीधे संवेदनशील सलाह या चर्चा करने की अनुमति नहीं देता।

नए एज वेरिफिकेशन फीचर से, वयस्क यूजर्स कई संवेदनशील विषयों पर ChatGPT के साथ लंबी बातचीत कर सकेंगे। OpenAI का लक्ष्य है कि यह फीचर सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से लागू किया जाए, ताकि गलत इस्तेमाल को रोका जा सके।

क्यों लाई जा रही है यह सुविधा?

OpenAI ने अगस्त 2025 में कुछ संवेदनशील कंटेंट पर पाबंदियां लगाई थीं। इसके बाद प्लेटफॉर्म पर यूजर एंगेजमेंट में कमी देखी गई, क्योंकि कई वयस्क यूजर्स पहले AI के साथ रोमांटिक या निजी चर्चाओं में समय बिताते थे।

OpenAI का मानना है कि एज वेरिफिकेशन के जरिए यह कमी पूरी हो सकती है। इससे प्लेटफॉर्म पर यूजर्स अधिक समय व्यतीत करेंगे और लंबे, निजी वार्तालाप संभव होंगे, जो पिछले प्रतिबंधों के चलते सीमित थे।

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एज वेरिफिकेशन कैसे काम करेगा?

अभी तक OpenAI ने एज वेरिफिकेशन की तकनीकी जानकारी साझा नहीं की है। यह स्पष्ट नहीं है कि वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी तरह ऑटोमेटिक होगी या यूजर को कुछ डॉक्यूमेंटेशन जमा करना होगा।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह फीचर यूट्यूब और गूगल जैसे अन्य प्लेटफॉर्म के मॉडल से प्रेरित होगा, जो संवेदनशील सुविधाओं के लिए आयु प्रमाणन लागू करते हैं। इस तरह की प्रणाली से OpenAI यह सुनिश्चित कर सकेगा कि केवल योग्य वयस्क ही संवेदनशील बातचीत का लाभ उठा सकें।

यूजर बेस और सदस्यता को बढ़ावा

OpenAI के लिए यह फीचर यूजर बेस को बनाए रखने और बढ़ाने का भी जरिया होगा। जुलाई 2025 तक लगभग 35 मिलियन लोग ChatGPT Plus या Pro सब्सक्रिप्शन में शामिल थे, जो कुल यूजर्स का लगभग 5% था। OpenAI का लक्ष्य 2030 तक इसे 8.6% तक बढ़ाना है।

एज वेरिफिकेशन और संवेदनशील बातचीत की अनुमति देने से प्रो यूजर्स की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है। साथ ही, यह फीचर प्लेटफॉर्म को उन वयस्क यूजर्स के लिए अधिक आकर्षक बनाएगा, जो अभी फ्री या सीमित फीचर का ही इस्तेमाल कर रहे हैं।

फ्री और प्रो यूजर्स के लिए अंतर

ChatGPT फ्री में भी उपलब्ध है। फ्री यूजर्स वेब सर्च, फोटो निर्माण और सामान्य बातचीत का लाभ ले सकते हैं। लेकिन संवेदनशील विषयों पर चर्चा और लंबी निजी बातचीत के लिए एज वेरिफिकेशन और प्रो सब्सक्रिप्शन की आवश्यकता होगी।

OpenAI ने बताया है कि यह फीचर इस साल दिसंबर में पेश किया जा सकता है। कंपनी पिछले साल “12 डेज ऑफ़ OpenAI” इवेंट के दौरान हर दिन नई सुविधाएं जारी कर चुकी है, और इस बार भी इसी तरह की घोषणाएं संभव हैं।

सुरक्षा और जिम्मेदार AI का महत्व

OpenAI ने पहले ही चेतावनी दी है कि संवेदनशील विषयों पर AI बातचीत सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से होनी चाहिए। एज वेरिफिकेशन का उद्देश्य केवल वयस्कों को अनुमति देना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि संवेदनशील कंटेंट का गलत उपयोग या दुरुपयोग न हो।

कंपनी के अधिकारियों ने कहा है कि यह फीचर एक नया कदम है, जो AI प्लेटफॉर्म को और अधिक व्यक्तिगत, उपयोगी और सुरक्षित बनाने की दिशा में आगे बढ़ाएगा।

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Shreeom Singh

Shreeom Singh is a Digital Journalist with over 3 years of experience in the media industry. Having worked with prestigious organizations like Bharat 24, Network 10, and APN News. Shreeom specializes in a wide spectrum of beats, including World, Sports, Business, Lifestyle, and Health. He is dedicated to delivering well-researched and engaging stories to a global audience.

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