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Epstein Files: एप्सटीन सेक्स स्कैंडल में बड़ा खुलासा, लड़कियों के साथ नहा रहे क्लिंटन, देखें Photos

Epstein Files: अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामलों में अब तक का सबसे बड़ा दस्तावेजी खुलासा किया है। शुक्रवार देर रात भारतीय समयानुसार करीब ढाई बजे विभाग ने एपस्टीन जांच से जुड़े करीब तीन लाख रिकॉर्ड सार्वजनिक किए। इन दस्तावेजों को कुल पांच डेटा सेट में जारी किया गया है, जिनमें तस्वीरें, ईमेल, नोट्स, फ्लाइट लॉग और अन्य जांच से जुड़े कागजात शामिल हैं।

यह वही फाइलें हैं, जिनके सार्वजनिक होने का वादा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव के दौरान किया था। इन दस्तावेजों से एपस्टीन और उसके हाई-प्रोफाइल संपर्कों को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों पर रोशनी पड़ने की उम्मीद जताई जा रही थी।

किन-किन चर्चित हस्तियों का जिक्र आया सामने

जारी दस्तावेजों में कई नामी हस्तियों के नाम और तस्वीरें सामने आई हैं। इनमें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, पॉप स्टार माइकल जैक्सन, ब्रिटिश शाही परिवार के सदस्य प्रिंस एंड्रयू, हॉलीवुड अभिनेता केविन स्पेसी और क्रिस टकर, टीवी होस्ट ओपरा विन्फ्रे और उद्योगपति रिचर्ड ब्रैनसन जैसे नाम शामिल हैं।

कुछ तस्वीरों में सामाजिक आयोजनों और निजी पार्टियों के दृश्य दिखाई देते हैं, हालांकि कई फोटो की लोकेशन और समय को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। जस्टिस डिपार्टमेंट ने साफ किया है कि किसी व्यक्ति का नाम या फोटो होना अपने-आप में अपराध का प्रमाण नहीं है।

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन एक स्विमिंग पूल में दो महिलाओं के साथ

कितने दस्तावेज और किस तरह का डेटा जारी हुआ

न्याय विभाग के अनुसार, इस चरण में करीब 3,500 से ज्यादा फाइलें जारी की गई हैं, जिनका कुल डेटा साइज 2.5 जीबी से अधिक है। शुरुआत में चार सेट जारी किए गए थे, जबकि कुछ घंटों बाद पांचवां सेट सार्वजनिक किया गया।

पहले डेटा सेट में “Images” नाम से चार फोल्डर शामिल हैं। शुरुआती तीन फोल्डरों में लगभग एक-एक हजार तस्वीरें हैं, जबकि चौथे फोल्डर में 158 तस्वीरें रखी गई हैं। शुरुआती तस्वीरें FBI द्वारा न्यूयॉर्क के मैनहैटन में एपस्टीन के घर पर की गई तलाशी से जुड़ी बताई जा रही हैं। अन्य तस्वीरों में समुद्र तट और द्वीप जैसे इलाके दिखाई देते हैं, जिन्हें एपस्टीन के निजी द्वीप लिटिल सेंट जेम्स से जोड़ा जा रहा है।

ट्रंप के आदेश के बाद शुरू हुई फाइलों की रिलीज प्रक्रिया

इन दस्तावेजों का सार्वजनिक होना एक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18 नवंबर को एक कानून पर हस्ताक्षर कर जस्टिस डिपार्टमेंट को आदेश दिया था कि एपस्टीन से जुड़े सभी रिकॉर्ड 30 दिनों के भीतर सार्वजनिक किए जाएं। 19 दिसंबर को यह समय सीमा पूरी हुई, जिसके बाद यह पहली बड़ी खेप जारी की गई।

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हजारों नाम क्यों किए गए ब्लैक

डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने कांग्रेस को भेजे गए पत्र में बताया कि इन दस्तावेजों की समीक्षा में 187 वकीलों ने हिस्सा लिया, जबकि 25 से ज्यादा वकीलों की एक अलग क्वालिटी कंट्रोल टीम बनाई गई थी।

इस समीक्षा के दौरान 1,200 से ज्यादा लोगों की पहचान पीड़ित या पीड़ितों के रिश्तेदारों के रूप में हुई। इन सभी की पहचान को गोपनीय रखते हुए नाम और व्यक्तिगत जानकारी दस्तावेजों से हटा दी गई है।

मसाज नेटवर्क और फ्लाइट लॉग से जुड़े रिकॉर्ड

जारी फाइलों में एपस्टीन के कथित मसाज नेटवर्क से जुड़े रिकॉर्ड भी सामने आए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक एक सूची में 254 मसाज देने वाली लड़कियों के नाम दर्ज थे, हालांकि सभी नाम पूरी तरह ब्लैक कर दिए गए हैं।

इसके अलावा दस्तावेजों में एपस्टीन के निजी विमानों से जुड़े फ्लाइट लॉग, कॉन्टैक्ट बुक और कुछ प्रशिक्षण से संबंधित निर्देशात्मक कागजात भी शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा है कि नाबालिगों से जुड़ी किसी भी संवेदनशील जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया गया है।

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अभी भी क्यों रोके गए हैं कुछ दस्तावेज

जस्टिस डिपार्टमेंट का कहना है कि कुछ रिकॉर्ड फिलहाल जारी नहीं किए गए हैं। इसके पीछे चल रही जांच, पीड़ितों की सुरक्षा, बच्चों से जुड़े मामलों और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे कारण बताए गए हैं।

विभाग के अनुसार, कानून यह अनुमति देता है कि इन विशेष परिस्थितियों में दस्तावेजों के कुछ हिस्सों को अस्थायी रूप से गोपनीय रखा जाए।

एपस्टीन से जुड़ी नई फाइलों में सामने आए नोट्स के मुताबिक, वह लड़कियों से पहचान पत्र (आईडी) दिखाने को कहता था, ताकि यह साबित हो सके कि वे 18 साल से कम उम्र की हैं।

ट्रंप का नाम और सिविल केस का संदर्भ

जारी दस्तावेजों में ट्रंप का नाम एक सिविल मुकदमे के संदर्भ में सामने आया है, जो 2020 में एपस्टीन की संपत्ति के खिलाफ दायर किया गया था। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ट्रंप पर इस मामले में कोई आपराधिक आरोप नहीं लगाए गए हैं।

पीड़ितों ने उठाए सवाल

एपस्टीन मामले की कुछ पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि जारी की गई फाइलों में बहुत ज्यादा जानकारी हटाई गई है और इससे उन्हें पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद पूरी नहीं हुई।

न्याय विभाग ने जवाब में कहा है कि दस्तावेजों की संख्या बहुत ज्यादा है और उनकी चरणबद्ध समीक्षा जारी है। आने वाले समय में और रिकॉर्ड भी सार्वजनिक किए जा सकते हैं।

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Shreeom Singh

Shreeom Singh is a Digital Journalist with over 3 years of experience in the media industry. Having worked with prestigious organizations like Bharat 24, Network 10, and APN News. Shreeom specializes in a wide spectrum of beats, including World, Sports, Business, Lifestyle, and Health. He is dedicated to delivering well-researched and engaging stories to a global audience.

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