Delhi Pollution: दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता बेहद गंभीर स्थिति में है। रविवार को दिल्ली का औसत AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) लगभग 399 दर्ज किया गया, जो “रेड जोन” में आता है और बेहद खतरनाक माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्तर की हवा में सांस लेना स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार वजीरपुर (AQI 420), बुराड़ी (418) और विवेक विहार (411) जैसे इलाकों में वायु प्रदूषण का स्तर सबसे गंभीर रहा। अन्य क्षेत्रों में भी AQI 350 से ऊपर दर्ज किया गया। एनसीआर के नोएडा (354), ग्रेटर नोएडा (336) और गाजियाबाद (339) में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रही।
9 से 10 सिगरेट पीने के समान जोखिम
विशेषज्ञों का कहना है कि इस हवा में रोजाना सांस लेना लगभग 9 से 10 सिगरेट पीने के समान जोखिम पैदा करता है। पीएम2.5 का स्तर 338 और पीएम10 का स्तर 503 के आसपास रिकॉर्ड किया गया, जो स्वास्थ्य मानकों से कई गुना अधिक है।
मौसम और प्रदूषण का असर
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार रविवार को सुबह और शाम हल्की धुंध और कोहरे की परत बनी रही। दिन में मौसम साफ रहने की संभावना है, लेकिन धीमी हवाओं और स्थिर वायुमंडल के कारण प्रदूषण का स्तर अधिक रहेगा। हवाओं की गति 3 से 5 किमी/घंटा के बीच रही, जिससे वायु प्रदूषण और बढ़ने की संभावना है।
उत्तर भारत में ठंड बढ़ रही है और राजधानी में न्यूनतम तापमान 12 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि अधिकतम तापमान 24 से 28 डिग्री के आसपास रहेगा। हिमालय से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण रात में ठंड अधिक महसूस होगी।
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बारिश की संभावना नगण्य
मौसम विभाग ने नवंबर में बारिश की संभावना केवल 1 से 2 प्रतिशत बताई है। इसका मतलब है कि अगले कई दिनों तक राजधानी में वायु प्रदूषण से राहत मिलना मुश्किल है। धुंध और कोहरे का प्रभाव सुबह-शाम और विजिबिलिटी पर भी असर डाल सकता है।
दिल्लीवासियों के लिए स्वास्थ्य चेतावनी
डॉक्टरों और पर्यावरण विशेषज्ञों ने दिल्लीवासियों को सलाह दी है कि वे इस समय बिना मास्क के बाहर निकलने से बचें, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से प्रदूषण से बचाने के उपाय करें, और घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें। साथ ही, शारीरिक गतिविधियों को कम करें और प्रदूषण वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
प्रदूषण की वजहें
विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण का मुख्य कारण ठंडी हवाओं के कारण प्रदूषक कणों का जमा होना है। इसके अलावा, वाहनों का धुआँ, निर्माण कार्य, औद्योगिक गतिविधियां और पड़ोसी राज्यों से उड़ती धूल भी प्रदूषण बढ़ाने में योगदान देती हैं। दिवाली के समय पटाखों की आतिशबाजी ने भी AQI को काफी बढ़ा दिया।
CPCB और मौसम विभाग दोनों का अनुमान है कि कम से कम अगले 10-15 दिन तक राजधानी में वायु गुणवत्ता सामान्य होने की संभावना नहीं है। ऐसे में दिल्लीवासियों को लंबे समय तक जहरीली हवा के जोखिम के साथ जीने की तैयारी करनी होगी।
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