नई दिल्ली: कभी-कभी दुनिया के सबसे ताकतवर पदों पर बैठे चेहरे भी इतने दागदार हो सकते हैं कि उन पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। अमेरिका जैसे विकसित देश, जो मानवाधिकार, महिला सशक्तिकरण और कानून-व्यवस्था की मिसाल पेश करता है, उसकी राजनीति का एक गंदा और शर्मनाक चेहरा भी है, जो राष्ट्रपति भवन की दीवारों के पीछे दबा रहा। सत्ता की चमक के पीछे छिपे वो किस्से, जिन्होंने न सिर्फ महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाई, बल्कि अमेरिका की राजनीति पर भी ऐसा दाग छोड़ा जो आज भी मिटा नहीं।
डोनाल्ड ट्रंप: जुबान फिसली या इरादा गंदा था?
हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी ही प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट को लेकर जो बयान दिया, वो सिर्फ एक साधारण तारीफ नहीं बल्कि अश्लीलता से भरा हुआ था। 27 वर्षीय महिला के होंठों को मशीनगन कह देना कोई साधारण बात नहीं होती, खासकर तब, जब ये टिप्पणी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति की हो। ट्रंप की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर तूफान आ गया। लोग मोनिका लेविंस्की-बिल क्लिंटन प्रकरण की यादें साझा करने लगे। अफवाहों का दौर शुरू हो गया कि ट्रंप का कैरोलिन के साथ अफेयर है।
पर यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप विवादों में आए। 2016 में उनकी एक्स-वाइफ इवाना ने एक किताब में खुलासा किया कि ट्रंप ने कपड़े फाड़कर उनके साथ रेप किया था। साथ ही, हॉलीवुड टेप में ट्रंप महिलाओं को छूने की बातें बड़े फख्र से करते सुनाई दिए थे, जिसे उन्होंने ‘लॉकर रूम टॉक’ कहकर टालने की कोशिश की थी।
स्टॉर्मी डेनियल्स, जिनका असली नाम स्टेफनी क्लिफोर्ड है, अमेरिका की एक पूर्व एडल्ट फिल्म अभिनेत्री हैं. उन्होंने 2006 में एक गोल्फ टूर्नामेंट के दौरान लेक ताहो, नेवादा में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात का दावा किया था. डेनियल्स के मुताबिक, उस मुलाकात के बाद दोनों के बीच एक निजी रिश्ता बना, जो आपसी सहमति से हुआ. उस वक्त ट्रंप हॉलीवुड और रियल एस्टेट में बड़े नाम थे. डेनियल्स का कहना है कि ट्रंप ने उन्हें एक टीवी शो में काम देने की बात भी कही थी. हालांकि यह रिश्ता निजी था, लेकिन बाद में यह एक राजनीतिक तूफान में बदल गया.
बिल क्लिंटन और मोनिका लेविंस्की कांड
बिल क्लिंटन का नाम जब मोनिका लेविंस्की से जुड़ा, तो पूरे अमेरिका की राजनीति हिल गई। 1995 में व्हाइट हाउस की इंटर्न रहीं मोनिका के साथ क्लिंटन ने संबंध बनाए, पहले उन्होंने इनकार किया, लेकिन डीएनए रिपोर्ट के बाद सच्चाई सामने आ गई। यही नहीं, जुआनिटा ब्रॉडरिक नाम की महिला पत्रकार ने भी क्लिंटन पर बलात्कार का आरोप लगाया था। उन्होंने बताया कि कैसे क्लिंटन ने होटल के कमरे में उन्हें जबरन बिस्तर पर गिराया और उनकी मर्जी के खिलाफ संबंध बनाए।
कैनेडी, रीगन और बुश: हॉलीवुड से व्हाइट हाउस तक फैली गंदगी
अमेरिका के करिश्माई राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी, जो युवाओं के आइकॉन माने जाते हैं, उनकी छवि भी एक ऑटोबायोग्राफी से दागदार हुई। मिमी अल्फोर्ड नाम की महिला ने अपनी किताब में बताया कि कैसे वह व्हाइट हाउस में इंटर्न थीं और कैनेडी के साथ उनका संबंध बना। लेकिन यह संबंध स्वेच्छा से नहीं, बल्कि दबाव में था।
अभिनेता से राष्ट्रपति बने रोनाल्ड रीगन पर भी आरोप लगे। अभिनेत्री सेलीन वाल्टर्स ने दावा किया कि रीगन ने उन्हें सोफे पर गिराकर रेप किया था। वहीं, जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश पर भी हीदर लिंड नाम की अभिनेत्री ने मीटू आंदोलन के दौरान छेड़छाड़ का आरोप लगाया था।
ग्रोवर क्लीवलैंड और निक्सन: महिलाएं सिर्फ मजे की चीज समझी गईं
ग्रोवर क्लीवलैंड, जो अमेरिका के 22वें राष्ट्रपति रहे, उन्होंने मारिया हैल्पिन नाम की महिला को रात के खाने पर बुलाकर रेप किया, ऐसा रिपोर्ट में सामने आया। रेप के बाद पैदा हुए बेटे की बात को दबाने के लिए उन्होंने महिला को डराया-धमकाया।
पूर्व राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन पर भी आरोप लगा कि उन्होंने अपनी सेक्रेटरी को बार-बार गलत तरीके से छुआ और उसकी मिनी स्कर्ट पर नजरें गड़ाए बैठे रहे। उनकी हरकतें इतनी घटिया थीं कि खुद सेक्रेटरी असहज हो गई थीं।
अमेरिका के संस्थापक: वॉशिंगटन और जेफरसन की काली सच्चाई
जो देश अपने संविधान और लोकतंत्र की दुहाई देता है, उसके पहले राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन पर भी यौन शोषण के आरोप लगे थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने अपने कार्यालय में काम करने वाली महिला से जबरन संबंध बनाए थे और उससे एक बेटा भी हुआ। वहीं, अमेरिका के तीसरे राष्ट्रपति थॉमस जेफरसन पर आरोप था कि उन्होंने सैली हेमिंग्स नाम की गुलाम महिला के साथ जबरन संबंध बनाए। सैली से उन्हें छह बच्चे भी हुए थे।
वॉरेन हार्डिंग और हैरीसन: नौकरानियों तक को नहीं छोड़ा
राष्ट्रपति विलियम हैरीसन ने अपनी घरेलू नौकरानी के साथ अवैध संबंध बनाए, जिससे उन्हें छह बच्चे हुए। इस काले राज का खुलासा वॉशिंगटन पोस्ट ने किया था। वहीं, वॉरेन हार्डिंग की कहानी और भी चौंकाने वाली थी। उनकी अपनी सचिव नॉन ब्रिटन से बेटी थी, जिसका जन्म उन्होंने छिपाया।
अमेरिकी सत्ता में छिपा नारी अस्मिता का घिनौना दोहन
इन तमाम घटनाओं में एक बात साफ दिखती है, सत्ता का नशा जब सिर चढ़कर बोलता है, तो इंसान अपने कर्तव्यों को भूलकर हैवान बन जाता है। अमेरिका जैसे देश में भी महिलाओं के साथ इस तरह की घटनाएं साबित करती हैं कि महिलाओं की सुरक्षा का सवाल सिर्फ विकासशील देशों तक सीमित नहीं है।
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