भारतीय पर्वतीय महासभा द्वारा उत्तराखंड स्थापना दिवस एवं 25वी रजत जयंती वर्ष का भव्य आयोजन
लखनऊ: देवभूमि के गौरव, संस्कृति और संघर्ष की गाथा को समर्पित उत्तराखंड स्थापना दिवस एवं रजत जयंती (25वां वर्ष) के अवसर पर भारतीय पर्वतीय महासभा द्वारा एक भव्य एवं ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस आयोजन में समाजसेवियों, शिक्षाविदों, महिला शक्ति, युवा वर्ग और विभिन्न प्रांतीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर उत्तराखंड की अस्मिता, संस्कृति और एकता का संदेश दिया।
उत्तराखंड भारत की आध्यात्मिक आत्मा
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण उत्तराखंड की लोकसंस्कृति पर आधारित नृत्य-गीत प्रस्तुतियाँ, पारंपरिक वाद्य वादन, वेशभूषा प्रदर्शन तथा वीर सैनिकों को समर्पित भावपूर्ण श्रद्धांजलि रही। पूरा वातावरण “जय देवभूमि – जय उत्तराखंड” के नारों से गूंज उठा। डॉ. अनुपम सिंह भंडारी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय पर्वतीय महासभा ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा, “उत्तराखंड केवल एक भौगोलिक प्रदेश नहीं, बल्कि यह भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक है।”
बीते 25 वर्षों में उत्तराखंड ने विकास, शिक्षा, पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। अब समय है कि हम अपने युवाओं को स्वरोजगार, विज्ञान और संस्कृति के समन्वय से सशक्त एवं आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण हेतु प्रेरित करें।”सभा में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने कहा कि राज्य निर्माण में जिन वीरों, माताओं और युवाओं ने अपना अमूल्य योगदान दिया, उनकी त्यागगाथा सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और जनकल्याण के कार्यों को और अधिक गति दी जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान भारतीय पर्वतीय महासभा ने इस रजत जयंती वर्ष को “गौरव एवं संकल्प वर्ष” के रूप में मनाने की घोषणा की। महासभा ने बताया कि आने वाले महीनों में राज्य के विकास, पर्यावरण संरक्षण, पर्वतीय युवाओं के कौशल विकास और सांस्कृतिक संवर्धन हेतु अनेक जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
महासभा कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन
इसी अवसर पर महासभा कार्यालय में एक श्रद्धांजलि सभा का भी आयोजन किया गया, जिसमें कार्यकारिणी सदस्य स्वर्गीय श्री कृष्ण सिंह बिष्ट, सांस्कृतिक मंत्री श्री गिरीश जोशी के स्वर्गीय पिता श्री पुरानचंद जोशी तथा सदस्य श्री संजय कुकरेती के स्वर्गीय पिताजी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। सभा में उपस्थित सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।
कार्यक्रम में मुख्य संरक्षक श्री पान सिंह भंडारी, मुख्य संयोजक श्री दया कृष्ण डालाकोटी, अध्यक्ष डॉ. अनुपम सिंह भंडारी, कोषाध्यक्ष श्री मोहन चंद्र जोशी, सदस्य श्री बलवंत सिंह देवड़ी, श्री दिनेश उप्रेती, उत्तराखंड प्रभारी श्री चंदन सिंह भंडारी, तथा सदस्य श्री प्रयाग दत्त जोशी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर पूरे सभागार में “जय देवभूमि – जय उत्तराखंड” के जयघोष के साथ एकता, समृद्धि और स्वाभिमान का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों और कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएँ दीं।
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