आकोला (जिला चित्तौड़गढ़)
आकोला नगरपालिका क्षेत्र के कई सरकारी विद्यालय और एक पुराना पटवार भवन जर्जर स्थिति में हैं, जो सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। साथ ही नगर के विभिन्न वार्डों में बिजली, सड़क, साफ-सफाई, जल निकासी, अस्पताल और अन्य बुनियादी योजनाओं की स्थिति भी अभी संतोषजनक नहीं है।
इन गंभीर मुद्दों को लेकर नगरपालिका क्षेत्र के जागरूक नागरिक अफ़ज़ल मंसूरी ने सोशल मीडिया और कॉलिंग के माध्यम से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया है, तथा पूरे क्षेत्र के नागरिकों को जागरूक करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही इन बातों का लिखित ज्ञापन भी प्रशासन को सौंपा जाएगा ताकि आवश्यक कार्रवाई शीघ्र और प्रभावी रूप से हो सके।
जर्जर विद्यालयों की स्थिति:
• राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, आकोला: छत से पानी टपकना, जिससे भवन कमजोर हो रहा है।
• राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, जवाहर नगर
• राजकीय प्राथमिक विद्यालय, मत्स्य तालाब
• राजकीय प्राथमिक विद्यालय, मालियों की भागल
• राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गाड़रियावास: छत पूरी तरह क्षतिग्रस्त।
• राजकीय प्राथमिक विद्यालय, भानिया खेड़ी: लगभग 50 वर्ष पुराना भवन, बरामदों, फर्श और छत की स्थिति गंभीर।
शीतला माता चौक स्थित पटवार भवन:
नगरपालिका क्षेत्र के शीतला माता चौक के पास स्थित पुराना पटवार भवन लंबे समय से उपयोग में नहीं है और जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। मोहल्ले वासियों की सूचना पर नगरपालिका के संबंधित अधिकारी एवं कनिष्ठ अभियंता ने निरीक्षण किया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने भवन के दोनों ओर बांस लगाकर आम रास्ता अस्थायी रूप से बंद कर दिया है और उच्चाधिकारियों को सूचित कर दिया है।
अफ़ज़ल मंसूरी ने प्रशासन से आग्रह किया है कि इस भवन को या तो पूरी तरह हटाया जाए या संरचनात्मक रूप से सुरक्षित बनाया जाए ताकि आसपास के नागरिकों एवं राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
नगर के वार्डों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति:
अफ़ज़ल मंसूरी ने नगर के सभी वार्डों की बुनियादी समस्याओं को लेकर प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से नियमित संवाद बनाए रखा है।
उन्होंने निम्नलिखित विषयों पर तत्काल सुधार और समाधान की मांग की है:
• बिजली सप्लाई एवं सुरक्षा: बिजली कटौती, खराब ट्रांसफार्मर और तारों से दुर्घटना का खतरा।
• सड़क और आवागमन: टूटी-फूटी सड़कों, गली-नालों की मरम्मत और आवागमन की सुगमता।
• स्वच्छता और कूड़ा प्रबंधन: कूड़ा न फैले, नालियाँ साफ रहें और सफाई व्यवस्था प्रभावी हो।
• जल निकासी: बारिश के पानी का उचित निकास ताकि जलभराव और बीमारियों से बचा जा सके।
• स्वास्थ्य सुविधाएं: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का सुचारू संचालन, बेहतर अस्पताल सुविधाएं।
• विद्यालय भवनों का विकास: स्कूलों की मरम्मत, बेहतर शैक्षिक वातावरण और सुरक्षा।
• सरकारी योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन।
अफ़ज़ल मंसूरी का प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को संदेश:
अफ़ज़ल मंसूरी ने विधायक, सांसद, उपखंड अधिकारी, जिला कलेक्टर, शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को सोशल मीडिया और कॉलिंग के माध्यम से तत्काल संज्ञान लेने और शीघ्र कार्यवाही करने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा:
“हमारे बच्चों और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। यदि समय रहते इन बुनियादी संरचनाओं की मरम्मत नहीं हुई तो बड़ा नुकसान हो सकता है। हमें सभी स्तरों पर सक्रियता, पारदर्शिता और जनता की भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी।”
नागरिक नेतृत्व की मिसाल:
अफ़ज़ल मंसूरी जैसे जागरूक नागरिकों की सक्रियता से ही लोकतंत्र मजबूत होता है। वे केवल शिकायत नहीं करते, बल्कि समाधान के लिए निरंतर संवाद, जागरूकता और जिम्मेदारी के साथ काम करते हैं। उनका यह कदम पूरे नगरपालिका क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है।
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