US-Venezuela: देश में पहले से ही ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी सोने की कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा रखी है। इसी बीच वेनेजुएला में अमेरिका द्वारा किए गए सैन्य हमलों ने वैश्विक बाजारों में नई अनिश्चितता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन घटनाओं का असर आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों पर साफ दिखाई दे सकता है।
3 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए, जिसमें उन्होंने कहा कि वेनेजुएला फिलहाल अमेरिका के नियंत्रण में है और वहां स्थिति सामान्य होने तक प्रशासनिक जिम्मेदारी अमेरिका ही संभालेगा। इसी ऑपरेशन के दौरान वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिए जाने का दावा भी किया गया।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया से बढ़ा भू-राजनीतिक तनाव
अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद रूस, क्यूबा और ईरान जैसे वेनेजुएला के करीबी सहयोगी देशों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इन देशों ने अमेरिकी हमलों को वेनेजुएला की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। इससे वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और तेज हो गया है।
इतिहास गवाह है कि जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक या सैन्य तनाव बढ़ता है, निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाकर सुरक्षित निवेश की ओर रुख करते हैं। ऐसे हालात में सोना और चांदी हमेशा पहली पसंद माने जाते हैं।
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2026 की शुरुआत में सोने-चांदी का मजबूत प्रदर्शन
साल 2026 की शुरुआत सोने के लिए सकारात्मक रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ लगभग 4,370 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही हैं। यह 1979 के बाद से सोने का अब तक का सबसे मजबूत वार्षिक प्रदर्शन माना जा रहा है।
वहीं, चांदी की कीमतों में भी जोरदार तेजी देखने को मिली है। डॉलर की कमजोरी, बाजार में आपूर्ति की कमी और बढ़ती औद्योगिक मांग के चलते चांदी में दो प्रतिशत से अधिक का उछाल आया है और यह करीब 73 बिलियन डॉलर के स्तर तक पहुंच चुकी है।
आगे क्यों बढ़ सकती है कीमत?
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव के चलते सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने और चांदी की मांग और बढ़ सकती है। इसी वजह से सोमवार, 5 जनवरी को भारतीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
ब्रिकवर्क के मॉडल डेवलपमेंट एंड रिसर्च प्रमुख राजीव शरण का कहना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के साथ-साथ महंगाई, कमजोर होती करेंसी और आर्थिक अनिश्चितता जैसे कारक मिलकर सोने को आने वाले समय में 4,500 से 5,000 डॉलर प्रति औंस की रेंज में बनाए रख सकते हैं।
वहीं, वेल्थ के डायरेक्टर अनुज गुप्ता के अनुसार, अल्पकालिक तौर पर वेनेजुएला पर अमेरिकी हमलों का असर सिर्फ सोने तक सीमित नहीं रहेगा। उनका मानना है कि इससे बेस मेटल्स, कच्चे तेल और यहां तक कि ऊर्जा से जुड़ी कमोडिटीज की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिल सकता है।
भारत में मौजूदा सोने की कीमतें
भारतीय बाजार की बात करें तो शनिवार, 3 जनवरी को सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब 38 रुपये प्रति ग्राम सस्ता होकर 13,582 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया।
इसी तरह 22 कैरेट सोने की कीमत में लगभग 35 रुपये प्रति ग्राम की गिरावट आई और इसका भाव 12,450 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया। वहीं, 18 कैरेट सोने की कीमत 28 रुपये प्रति ग्राम घटकर 10,187 रुपये प्रति ग्राम पर आ गई।
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