Delhi Indigo Crisis: दिल्ली में पिछले काफी दिनों से हवाई संकट जारी है. आपने सोशल मीडिया पर इंडिगो क्राइसेस (Indigo Crisis) को ट्रेंड होते देखा ही होगा. अखबारों और खबरों की सुर्खियों में कहीं न कहीं ये नाम रोजाना दिख ही जाता है. कई यात्री परेशान है. हालांकि सरकार कोशिशों में जुटी है कि इस संकट से इंडिगो को बाहर निकाला जाए.
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है, कि अभी भी फ्लाइट्स कैंसिल होने का सिलसिला जारी है. इंडिगो के शेयर पर पैसा लगाने वालों का भी बंटाधार होता नजर आ रहा है. भारी नुकसान के कारण मानों दिल्ली का दिवाला निकल गया है. इस बीच चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री यानी (CTI) ने एक डेटा जारी किया है. इस डेटा में दिल्ली में इंडिगो के कारण दिल्ली के कारोबार पर कितना नुकसान पहुंचा उसके आंकड़े बताए गए हैं. आइए जानते हैं.
इंडिगो क्राइसिस से कैंसिल क्राइसिस में तब्दील दिल्ली
ये कहना गलत नहीं होगा कि दिल्ली में इस समय इंडिगो नहीं कैंसिल क्राइसेस जारी है. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल का कहना है कि इंडिगो के कारण दिल्ली के व्यापार, पर्यटन और इसके समेत कई अन्य सेक्टर्स को भारी नुकसान पहुंचा है. नुकसान का आंकड़ा हजार करोड़ रुपये बताया गया है. अब बात करें तो आखिर इतना नुकसान कैसे हो रहा है. आइए वो भी जान लेते हैं.
इंडिगो की फ्लाइट्स लगातार कैंसिल होने के कारण जो लोग यहां होटलों में घूमने आने वाले थे, होटल, बैंक्वेट्ल और रिसोर्ट ले लोग अपनी बुकिंग्स को वापस ले रहे हैं. अब तक हजारों से ज्यादा बुकिंग कैंसिल हो चुकी हैं. साफ सरल शब्दों में कहा जाए तो इस कारण फ्लाइट कैंसिलेशन की इस समस्या कसे दिल्ली के कई उद्योगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.
बाजारों से नादारद लोग
अब तक केवल इंडिगो की 4500 से अधिक उड़ाने रद्द हो चुकी हैं. ये आंकड़ां यहीं थमने का नाम नहीं ले रहा है. दिनों दिन आंकड़ें में भी इजाफा होता जा रहा है. चेयरमैन गोयल ने कहा कि एयरपोर्ट से 1.5 लाख से ज्यादा लोग यात्रा करते हैं. अब इनमें भी 50 हजार लोग बिजनेसमैन और व्यापारी हैं. लेकिन इस क्राइसिस के कारण इनकी यात्राओं में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. बाजारों से भी लोग नादारद हैं, यानी व्यापार पर भी इसका अच्छा खासा असर पड़ा है.
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