Putin India Visit: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने दो दिवसीय भारत दौरे पर सोमवार रात दिल्ली पहुंचे। उनके विमान के उतरते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं पालम टेक्निकल एयरपोर्ट पर पहुंचे और गर्मजोशी से स्वागत किया। रनवे पर हाथ मिलाते ही दोनों नेता गले मिले जिसने इस यात्रा के महत्व को और बढ़ा दिया।
लेकिन एयरपोर्ट से निकलते समय जो नज़ारा सामने आया, उसने दुनिया भर की सुर्खियाँ अपने नाम कर लीं। इस बार पीएम मोदी अपनी आधिकारिक BMW 7 Series High-Security Vehicle में नहीं बैठे। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ सफर करने के लिए Toyota Fortuner का चुनाव किया, जिसकी कीमत आमतौर पर 35 से 50 लाख रुपये के बीच होती है।
पुतिन और मोदी की ‘कार डिप्लोमेसी’
- पुतिन और मोदी आमतौर पर अपनी-अपनी अल्ट्रा-सेफ लिमोज़िन में चलते हैं।
- पुतिन की Aurus Senat—जिसे ‘चलता-फिरता किला’ कहा जाता है।
- मोदी की Mercedes-Maybach S650 Guard, जो SPG की सबसे सुरक्षित कारों में से एक है।
लेकिन इस बार दोनों नेता अपने-अपने वाहन छोड़कर एक ही सफेद Fortuner में बैठे। तस्वीरों में पुतिन पीछे की सीट पर बैठते नजर आए और पीएम मोदी उनके बिल्कुल बगल में बैठे। गाड़ी में बैठते समय पुतिन मुस्कुराते हुए हाथ हिलाते दिखे।
विशेषज्ञों के अनुसार किसी विदेशी नेता का अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल को इस स्तर पर बदलना बेहद दुर्लभ होता है। इसका मतलब है- पूर्ण भरोसा और गहरी रणनीतिक साझेदारी।
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मोदी ने जापानी कार क्यों चुनी?
यह सवाल लगातार उठ रहा है कि मोदी ने BMW या Maybach की जगह जापानी Toyota Fortuner क्यों चुनी।
विश्लेषक मानते हैं कि यह कदम सिर्फ सुविधा का मामला नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संकेत भी हो सकता है, खासतौर पर ऐसे समय में जब भारत और जापान आर्थिक साझेदारी को नए स्तर पर ले जा रहे हैं।
भारत-जापान की नई आर्थिक साझेदारी
हाल ही में भारत और जापान के बीच व्यापारिक सहयोग को लेकर कई अहम समझौते हुए हैं। इनके तहत जापान भारत में 10 अरब येन (लगभग ₹5,99,354 करोड़) से अधिक निवेश करेगा। कुछ प्रमुख क्षेत्र—
- उद्योग
- स्वच्छ ऊर्जा
- तकनीकी विकास
- मानव संसाधन सहयोग
इस बढ़ते जापानी निवेश को भारत की आर्थिक ताकत और वैश्विक भरोसे का बड़ा संकेत माना जा रहा है। कुछ विश्लेषक इसे अमेरिका और खासकर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए भी एक कूटनीतिक संदेश के रूप में देखते हैं कि भारत अपनी स्वतंत्र आर्थिक और रणनीतिक लाइन पर आगे बढ़ रहा है।
मोदी-पुतिन की बॉडी लैंग्वेज का संकेत
पुतिन की सुरक्षा दुनिया में सबसे कड़ी मानी जाती है। उनका भोजन, उनका काफिला, यहाँ तक कि हेल्थ-सैंपल तक रूस वापस भेजे जाते हैं। ऐसे में पीएम मोदी की कार में बैठना यह बताता है कि पुतिन भारत को कितना सुरक्षित और भरोसेमंद मानते हैं।
रनवे पर दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात की तस्वीरों में पुतिन पूरी तरह आत्मविश्वास से भरे और आरामदायक नजर आए। कंधों पर कोई तनाव नहीं, चेहरे पर मुस्कान यह वही संकेत है जो किसी मजबूत और संतुलित साझेदारी में नजर आता है।
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