वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक बड़ा दावा किया है कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित परमाणु युद्ध को उन्होंने रोका। ट्रंप के अनुसार, दोनों पड़ोसी देश उस समय अपने परमाणु हथियारों के साथ सैन्य टकराव की ओर बढ़ रहे थे, और उन्होंने इसे टालने के लिए 350% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी।
उनका यह बयान वैश्विक राजनीति और दक्षिण एशिया में सुरक्षा मामलों के दृष्टिकोण से काफी चर्चा में है। ट्रंप ने बताया कि उनके हस्तक्षेप के बिना स्थिति अनियंत्रित हो सकती थी और लाखों लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
ट्रंप ने ऑपरेशन का विवरण कैसे दिया
ट्रंप ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा कि मई में भारत और पाकिस्तान के बीच लगभग 88 घंटे तक सैन्य तनाव चरम पर था। उन्होंने बताया कि इस दौरान दोनों देशों के नेता उनसे सीधे संपर्क में आए और युद्ध को रोकने की अपील की।
ट्रंप ने कहा, “भारत और पाकिस्तान परमाणु हथियार लेकर बाहर निकलने वाले थे। मैंने कहा, ठीक है, आप कर सकते हैं, लेकिन मैं हर देश पर 350 प्रतिशत टैरिफ लगा रहा हूं। अब अमेरिका के साथ कोई व्यापार नहीं होगा।”
ट्रंप के अनुसार, इस आर्थिक दबाव ने दोनों देशों को युद्ध रोकने के लिए मजबूर किया। उन्होंने इसे अपनी रणनीतिक सफलता करार दिया और कहा कि कोई अन्य अमेरिकी राष्ट्रपति ऐसा कदम नहीं उठाता।
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350% टैरिफ और युद्ध रोकने की रणनीति
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने युद्ध को टालने के लिए आर्थिक और कूटनीतिक दबाव का उपयोग किया। उनका दावा है कि इस कदम से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विनाश और लाखों लोगों की मौत रोकी गई।
ट्रंप ने कहा, “उन्होंने कहा, हमें यह पसंद नहीं है। मैंने कहा, मुझे फर्क नहीं पड़ता कि आपको पसंद है या नहीं। अगर युद्ध होगा, लाखों लोग मारे जाएंगे और क्षेत्र में भारी तबाही होगी। मैं इसे होने नहीं दूंगा।”
ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने इस योजना को पूरी तैयारी के साथ लागू किया और इसे सफल बनाया।
अंतरराष्ट्रीय मान्यता और शहबाज शरीफ का जिक्र
ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, शहबाज ने सार्वजनिक रूप से उन्हें धन्यवाद दिया और कहा कि ट्रंप ने लाखों लोगों की जान बचाई।
यह बयान मिस्र में आयोजित गाजा शांति सम्मेलन के दौरान आया, जिसमें मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल-सिसी समेत कई अन्य अंतरराष्ट्रीय नेता मौजूद थे।
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