फसल को बारिश से हुआ नुकसान? तो मिल सकता है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ, ऐसे करें क्लेम

फसल को बारिश से हुआ नुकसान? तो मिल सकता है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ, ऐसे करें क्लेम

Pm Fasal Bima Yojana: किसान के लिए फसल सिर्फ उसकी कमाई का जरिया नहीं होती, बल्कि उसका सपना, मेहनत और पूरे परिवार की उम्मीद होती है। जब वो फसल बारिश, बाढ़ या तूफान जैसी प्राकृतिक आपदा में बर्बाद हो जाती है, तो सिर्फ खेत नहीं उजड़ते, बल्कि किसान का दिल भी टूटता है।

इस साल भी देशभर में भारी बारिश और बाढ़ ने तबाही मचाई है। कई राज्यों में खेत जलमग्न हो गए हैं और हज़ारों किसान फसल की बर्बादी से जूझ रहे हैं। ऐसे वक्त में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एक बड़ा सहारा बन सकती है, जो किसानों को नुकसान की भरपाई में मदद करती है। लेकिन ध्यान रहे, फसल बीमा का क्लेम करते वक्त अगर कुछ जरूरी बातों को नज़रअंदाज किया गया, तो यह राहत भी हाथ से फिसल सकती है।

क्या है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) किसानों को प्राकृतिक आपदा, कीट हमले या अन्य कारणों से फसल बर्बाद होने की स्थिति में वित्तीय सुरक्षा देती है। इस योजना के तहत किसान बेहद कम प्रीमियम देकर अपनी फसल का बीमा कर सकते हैं।

खरीफ की फसल के लिए केवल 2%, रबी के लिए 1.5% और वाणिज्यिक फसल के लिए 4% प्रीमियम किसानों से लिया जाता है। बाकी राशि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर देती हैं। नुकसान होने की स्थिति में बीमा कंपनी किसानों को मुआवजा देती है, लेकिन इसके लिए कुछ ज़रूरी शर्तों और प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी होता है।

ये भी पढ़ें- ’14 पाकिस्तानी आतंकवादी 400 किलो RDX के साथ घुसे हैं’, मुंबई में बड़े हमले की मिली धमकी

फसल बर्बादी के बाद तुरंत करें ये काम

जब खेतों में लगी फसल बारिश या बाढ़ से बर्बाद हो जाए, तो किसान का पहला कदम होता है बीमा कंपनी को सूचना देना। बहुत से किसान यह सोचकर देर कर देते हैं कि बाद में वक्त मिलेगा, लेकिन यही देरी बाद में उनके लिए नुकसानदायक बन सकती है।

नुकसान की सूचना प्राकृतिक आपदा की घटना के 72 घंटे के भीतर देना जरूरी होता है। यदि आप यह काम समय रहते नहीं करते, तो बीमा कंपनी आपका क्लेम खारिज कर सकती है। यह सूचना आप फसल बीमा मोबाइल ऐप, नजदीकी कृषि कार्यालय या फिर सीधे बीमा कंपनी को दे सकते हैं। साथ ही, आप 14447 नंबर पर कॉल करके भी जानकारी दे सकते हैं।

इन 3 गलतियों से रहें सावधान

फसल बीमा योजना में क्लेम करते समय कुछ आम गलतियां अक्सर किसानों को भारी नुकसान पहुंचा देती हैं। जब मुआवजे की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब ऐसे छोटे-छोटे चूक उन्हें राहत से वंचित कर देती हैं।

पहली गलती होती है समय पर सूचना न देना। कई किसान आपदा के बाद दिन निकल जाने पर या किसी से सलाह लेने के बाद देर से रिपोर्ट करते हैं। याद रखें, बीमा कंपनियां तय समय के बाहर किए गए दावों पर विचार नहीं करतीं।

दूसरी गलती होती है अधूरी या गलत जानकारी देना। आवेदन फॉर्म में फसल का नाम, सीजन (रबी या खरीफ), मोबाइल नंबर, बैंक खाता विवरण और नुकसान की जानकारी बिलकुल सही और स्पष्ट होनी चाहिए। यदि कोई जानकारी गलत निकलती है, तो आपका क्लेम रुक सकता है या पूरी तरह से खारिज हो सकता है।

तीसरी बड़ी गलती होती है जरूरी दस्तावेजों को न लगाना। क्लेम के साथ फसल की ताज़ा तस्वीरें, आधार कार्ड की कॉपी, बैंक खाते का विवरण, जमीन के दस्तावेज जैसे सभी कागजात लगाना जरूरी होता है। अगर कोई दस्तावेज छूट गया, तो मुआवजा मिलने में दिक्कत हो सकती है।

ये भी पढ़ें- दिल्ली में घरों तक आया बाढ़ का पानी, नोएडा के कई सेक्टर डूबे, कश्मीर में लैंडस्लाइड, देखें तबाही का Video

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *