रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवार वैलेंटिना गोमेज ने कुरान को लगाई आग, कहा- मैं इस्लाम का खात्मा कर दूंगी, Video
जब राजनीति में नफरत, ध्रुवीकरण और धार्मिक असहिष्णुता जैसे ज़हरीले बीज बोए जाते हैं, तो समाज की जड़ों को गहरा झटका लगता है। हाल ही में अमेरिका के टेक्सास से एक ऐसी ही घटना सामने आई है जिसने दुनिया भर के शांति पसंद लोगों को झकझोर कर रख दिया है। ट्रंप समर्थक और रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवार वैलेंटिना गोमेज ने न केवल इस्लाम के खिलाफ अपमानजनक शब्द कहे, बल्कि कुरान जैसी पवित्र किताब को आग लगाने जैसा शर्मनाक और निंदनीय कदम भी उठाया।
कुरान को फायरगन से जलाया
वैलेंटिना गोमेज़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा किया जिसमें वे कुरान को एक फायरगन से जलाते हुए नज़र आती हैं। इस दौरान वह कहती हैं – “मैं टेक्सास में इस्लाम का खात्मा कर दूंगी, हे ईश्वर, मेरी मदद करो। मुसलमान, ईसाई देशों पर कब्जा करने के लिए बलात्कार और हत्याएं कर रहे हैं।” यह बयान न सिर्फ झूठ और नफरत से भरा हुआ है, बल्कि एक पूरे धर्म और समुदाय के खिलाफ हिंसा को भड़काने वाला है।
https://twitter.com/ValentinaForUSA/status/1960096895579406401
इस वीडियो के ज़रिए वैलेंटिना ने अपने चुनावी प्रचार की शुरुआत की। उन्होंने लोगों से अपील की कि उन्हें संसद तक पहुंचाएं ताकि वे मुस्लिमों के खिलाफ और सख्त कदम उठा सकें। उनकी बातों में जिस तरह की भाषा का प्रयोग हुआ, वह अमेरिका जैसे लोकतांत्रिक और विविधता को सम्मान देने वाले देश के लिए शर्मनाक है।
पहले भी कर चुकी हैं विवादित हरकतें
वैलेंटिना गोमेज़ पहली बार सुर्खियों में नहीं आई हैं। दिसंबर 2024 में उन्होंने एक और वीडियो में एक प्रवासी के प्रतीक के रूप में बनाए गए डमी को गोली मारने का नाटक किया था। इस एक्ट के माध्यम से उन्होंने प्रवासियों को सार्वजनिक रूप से फांसी देने की मांग की थी। उनका कहना था कि अमेरिका में अपराध करने वाले प्रवासियों को सख्त सज़ा मिलनी चाहिए। हालांकि यह एक बहस का मुद्दा हो सकता है, लेकिन जिस तरह से उन्होंने यह संदेश दिया, वह सीधे तौर पर हिंसा और नफरत को बढ़ावा देने वाला था।
उनकी इस हरकत के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने उनके वीडियो को हटा दिया और कुछ अकाउंट्स को बैन भी कर दिया। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने खुद को एक “सच्चा खतरा” बताते हुए दावा किया कि वे वही कहती हैं जो वो देखती हैं।
ये भी पढ़ें- अब जाम छलकाना और धुआं उड़ाना होगा महंगा, नए GST स्लैब में शराब, सिगरेट और तंबाकू के बढ़ेंगे दाम!
LGBTQ+ समुदाय के खिलाफ भी दिखाई नफरत
इस्लाम और प्रवासियों के खिलाफ बयानबाज़ी के अलावा, वैलेंटिना ने LGBTQ+ समुदाय के खिलाफ भी आग उगली है। उन्होंने एक और वीडियो में LGBTQ+ से जुड़ी किताबों को जलाया और दावा किया कि ये किताबें बच्चों के मानसिक विकास को नुकसान पहुंचा रही हैं। यह हरकत भी नफरत फैलाने वाली मानी गई और उनकी सोशल मीडिया प्रोफाइल्स पर बार-बार प्रतिबंध लगे।
चुनाव में सिर्फ 7.4% वोट मिले
भले ही वैलेंटिना गोमेज़ खुद को “जनता की आवाज़” मानती हों, लेकिन वास्तविकता कुछ और ही कहती है। 2024 में हुए रिपब्लिकन प्राइमरी चुनाव में उन्हें सिर्फ 7.4% वोट मिले और वे छठे स्थान पर रहीं। यह साफ दिखाता है कि अमेरिकी जनता अब नफरत की राजनीति से थक चुकी है और ऐसे नेताओं को समर्थन देने के मूड में नहीं है।
हालांकि हार के बावजूद, वैलेंटिना ने राजनीति छोड़ने का नाम नहीं लिया। दिसंबर में उन्होंने फिर से टेक्सास के 31वें कांग्रेशनल डिस्ट्रिक्ट से 2026 के चुनाव में भाग लेने की घोषणा कर दी। अब भी वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और विवादास्पद विषयों पर अपनी राय रखती रहती हैं।
कौन हैं वैलेंटिना गोमेज?
वैलेंटिना गोमेज़ पेशे से रियल एस्टेट निवेशक, फाइनेंसर और राजनीतिक कार्यकर्ता हैं। उनका जन्म 8 मई, 1999 को कोलंबिया के मेडेलिन शहर में हुआ था। 2009 में उनका परिवार अमेरिका चला गया और न्यू जर्सी में बस गया। वैलेंटिना ने सेंट्रल कनेक्टिकट स्टेट यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और 2020 में MBA किया।
पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने तैराकी शुरू की और कोलंबिया की नेशनल स्विमिंग टीम की सदस्य बनकर इंटरनेशनल लेवल पर देश का प्रतिनिधित्व किया। 2024 में उन्होंने मिसौरी के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट के लिए अपनी उम्मीदवारी घोषित की थी। लेकिन राजनीतिक सफर के दौरान वह बार-बार विवादों और कट्टर बयानों की वजह से चर्चा में रहीं।
ये भी पढ़ें- मारुति की पहली EV ई-विटारा को पीएम मोदी ने दिखाई झंडी, जानें इसकी कीमत और खासियत