बेहतरीन फॉर्म के बावजूद भारत के लिए एक साल से T-20 नहीं खेला, क्या एशिया कप में खेलेंगे शुभमन गिल?
जब कोई युवा खिलाड़ी टेस्ट और वनडे में टीम इंडिया का नेतृत्व कर रहा हो, लेकिन टी-20 में उसकी जगह तक तय न हो, तो यह सवाल उठना लाज़मी है क्या वह खिलाड़ी अब इस फॉर्मेट में फिट बैठता है? शुभमन गिल इस वक्त कुछ ऐसी ही परिस्थिति से गुजर रहे हैं। जहां टेस्ट में वे कप्तान हैं, वनडे में उप कप्तान, लेकिन टी-20 में उनके खेलने तक पर सवाल उठ रहे हैं।
शुभमन की बल्लेबाजी में क्लास है, अंदाज़ में ठहराव है, और रिकॉर्ड्स में निरंतरता, लेकिन फिर भी टी-20 में उनकी जगह अब उतनी पक्की नहीं रह गई है जितनी कभी हुआ करती थी। एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले यह चर्चा और तेज़ हो गई है कि क्या शुभमन गिल को इस बार टीम में शामिल किया जाएगा या एक बार फिर उन्हें बाहर बैठना पड़ेगा।
गिल की टी-20 टीम में स्थिति क्यों अनिश्चित है?
बीते एक साल में शुभमन गिल ने भारत के लिए एक भी टी-20 इंटरनेशनल नहीं खेला है। इस दौरान टीम के ओपनिंग स्लॉट पर कई युवा खिलाड़ियों ने खुद को साबित किया है। अभिषेक शर्मा, यशस्वी जायसवाल और संजू सैमसन ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। खासकर अभिषेक और सैमसन ने अपनी बल्लेबाज़ी से ना सिर्फ रन बनाए, बल्कि यह भी दिखा दिया कि वे टीम इंडिया के लिए टी-20 में एक भरोसेमंद विकल्प बन सकते हैं।
वहीं, शुभमन भले ही स्क्वॉड में शामिल न रहे हों, लेकिन उन्होंने IPL में धमाकेदार प्रदर्शन किया है। गुजरात टाइटंस की कप्तानी करते हुए उन्होंने पिछले सीजन में छह अर्धशतक के साथ 650 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट भी 155 से ऊपर रहा, जो टी-20 के लिहाज़ से शानदार माना जाता है। इसके बावजूद, इंटरनेशनल लेवल पर चयनकर्ता उनकी जगह को लेकर संशय में दिख रहे हैं।
ये भी पढ़ें- मुलाकात से पहले ट्रंप ने पुतिन को दी चेतावनी, कहा- बातचीत के बाद भी जंग नहीं रोकी तो…
क्या कप्तानी ही दिलाएगी टीम में वापसी?
शुभमन गिल सिर्फ एक बढ़िया बल्लेबाज़ नहीं हैं, बल्कि टीम को लीड करने की क्षमता भी रखते हैं। उन्होंने IPL में गुजरात टाइटंस को टॉप-4 में पहुंचाया और टेस्ट क्रिकेट में कप्तानी करते हुए इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ 754 रन ठोक दिए। उन्होंने दो मैच जिताकर सीरीज़ को ड्रॉ पर पहुंचाया।
इतना ही नहीं, जब टीम इंडिया को टी-20 में नए कप्तान की ज़रूरत पड़ी, तो जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज़ में शुभमन को ही कमान सौंपी गई। टीम ने सीरीज़ भी जीती। फिर श्रीलंका दौरे पर उन्हें उप कप्तान बनाया गया। ये सारी बातें इस ओर इशारा करती हैं कि टीम मैनेजमेंट शुभमन को भविष्य का लीडर मान रही है, लेकिन फिर सवाल वहीं खड़ा होता है—क्या लीडरशिप क्वालिटी होने भर से टीम में जगह मिल जानी चाहिए?
टॉप ऑर्डर में कहां फिट होंगे शुभमन?
टी-20 क्रिकेट की बात करें, तो गिल की सबसे मजबूत जगह ओपनिंग पोजिशन रही है। लेकिन यहीं सबसे ज़्यादा प्रतिस्पर्धा है। यशस्वी जायसवाल, अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने हालिया मैचों में इस पोजिशन को लगभग कब्जा कर लिया है। तीनों ने शतक जड़े हैं और लगातार रन बनाए हैं।
संजू सैमसन का एक और फायदा है कि वे विकेटकीपिंग भी कर लेते हैं, जिससे टीम को एक अतिरिक्त खिलाड़ी का फायदा मिलता है। ऐसे में शुभमन की असली रेस इन्हीं खिलाड़ियों से है—और ये रेस अब आसान नहीं है।
वर्कलोड मैनेजमेंट भी बन सकता है बाधा
शुभमन को हाल की दो टी-20 सीरीज़ से आराम दिया गया था। बीसीसीआई के मुताबिक, ये फैसला वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत लिया गया था क्योंकि उन्हें टेस्ट और वनडे में ज्यादा खेलने का मौका मिल रहा है। अब एशिया कप का फाइनल 28 सितंबर को होगा, जबकि भारत को 2 अक्टूबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट खेलना है, जिसमें शुभमन कप्तानी करेंगे। ऐसे में मैनेजमेंट उन्हें फिर से टी-20 टीम से बाहर रख सकता है, ताकि वे लंबे फॉर्मेट के लिए फिट और तरोताज़ा रह सकें।
गिल के आंकड़े क्या कहते हैं?
शुभमन गिल ने भारत के लिए अब तक 21 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं और लगभग 140 के स्ट्राइक रेट से 578 रन बनाए हैं। उनके नाम एक शानदार शतक भी है, जो उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ ठोका था। लेकिन यह प्रदर्शन उन्हें टी-20 वर्ल्ड कप 2024 के स्क्वॉड में नहीं पहुंचा सका।
उनकी आखिरी टी-20 पिछले साल श्रीलंका के खिलाफ थी, जिसमें उन्होंने यशस्वी के साथ ओपनिंग करते हुए 39 रन बनाए थे। उसके बाद से ही वे टी-20 टीम से बाहर हैं।
अगर बीसीसीआई भविष्य की योजना में शुभमन गिल को तीनों फॉर्मेट का नेता मान रही है, तो उन्हें टी-20 में मौका देना भी लाज़मी है। सिर्फ टेस्ट और वनडे में अच्छा प्रदर्शन करके कोई खिलाड़ी टी-20 की कप्तानी नहीं पा सकता। जब तक वे मैदान पर टी-20 में रन बनाकर खुद को साबित नहीं करेंगे, तब तक चयनकर्ताओं को उन्हें प्राथमिकता देना मुश्किल होगा।
एशिया कप उनके लिए एक मौका हो सकता है या फिर एक और मिस्ड चांस।
एशिया कप का शेड्यूल और गिल की संभावनाएं
इस बार एशिया कप टी-20 फॉर्मेट में 9 सितंबर से UAE में खेला जाएगा। भारत को पाकिस्तान, UAE और ओमान के साथ एक ही ग्रुप में रखा गया है। भारत का पहला मैच 10 सितंबर को है, और पाकिस्तान के खिलाफ हाई वोल्टेज मुकाबला 14 सितंबर को।
टीम की घोषणा जल्द होगी, और तभी ये तय हो पाएगा कि क्या शुभमन गिल को एशिया कप में शामिल किया जाएगा या नहीं। अगर उन्हें स्क्वॉड में शामिल किया जाता है तो यह तय मानिए कि उन्हें बतौर उप कप्तान और ओपनर उतारा जाएगा। लेकिन अगर ऐसा नहीं होता, तो यह संकेत होगा कि टी-20 टीम अब उनसे आगे निकल चुकी है।
ये भी पढ़ें- बिना मैच खेले नंबर-2 ODI बल्लेबाज बने रोहित शर्मा, टॉप-10 में 4 भारतीय खिलाड़ी, देखें नई ICC रैंकिंग