‘पूरी दुनिया सुन ले, सिंधु का पानी हमारे…’ असीम मुनीर की परमाणु धमकी पर शिवराज सिंह चौहान का जवाब
नई दिल्ली: जब बात देश की सुरक्षा और किसानों की भलाई की हो, तो भारत कभी भी किसी की धमकियों से डरने वाला नहीं है. हाल ही में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर द्वारा भारत को परमाणु हमले की धमकी दिए जाने पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कड़ा और साफ संदेश दिया है. उन्होंने पाकिस्तान और अमेरिका दोनों को स्पष्ट कर दिया कि भारत अपने किसानों के हित और अपने संप्रभु अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सिंधु जल समझौता अब समाप्त हो चुका है और सिंधु नदी का पानी अब भारतीय किसानों के उपयोग के लिए होगा. यह बयान खासतौर पर पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर के उस विवादित बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने सिंधु समझौते को लेकर भारत को धमकी दी थी. शिवराज जी ने किसानों के सामने अपनी बात रखते हुए कहा कि यह फैसला किसानों के हित में लिया गया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व में इसे मजबूत इरादे के साथ लागू किया जाएगा.
उनकी आवाज़ में साफ़ जज्बा झलकता है कि अब कोई भी पड़ोसी देश भारत को अपने संसाधनों पर हावी नहीं होने देगा. सिंधु नदी हमारे किसानों की ज़िंदगी की धड़कन है, और वह हमारी जमीन और मेहनत का फल है.
परमाणु धमकियों के बीच भारत का अडिग रुख
पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने अमेरिका के एक डिनर के दौरान परमाणु हथियारों से धमकी दी कि अगर उन्हें लगेगा कि वे डूब रहे हैं, तो वे आधी दुनिया को अपने साथ ले डूबेंगे. यह कड़ा बयान उस समय आया जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर था. ऐसे वक्त में शिवराज सिंह चौहान ने बेहद गर्व और आत्मविश्वास के साथ कहा कि भारत किसी भी परमाणु धमकी से डरने वाला नहीं है.
उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और कोई भी फैसला किसान विरोधी नहीं होगा. उनका कहना था कि भारत न केवल अपने किसानों की रक्षा करेगा, बल्कि देश की सीमाओं और सम्मान की भी दृढ़ता से रक्षा करेगा.
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पीएम मोदी के नेतृत्व में किसानों का भविष्य सुरक्षित
शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. मोदी सरकार ने हमेशा किसानों को सशक्त बनाने और उनकी समस्याओं को हल करने के लिए कदम उठाए हैं. सिंधु समझौते को रद्द करना भी उसी प्रतिबद्धता का हिस्सा है.
किसानों की भलाई और राष्ट्रीय सुरक्षा, दोनों ही सरकार की प्राथमिकता हैं. इस भावना से यह संदेश साफ़ है कि भारत अपने किसानों को कभी अकेला नहीं छोड़ेगा, चाहे अंतरराष्ट्रीय दबाव कितना भी बड़ा क्यों न हो.
पाकिस्तान की गलतफहमी और भारत का जवाब
असीम मुनीर का कहना था कि भारत के बांध बनाने पर वे दस मिसाइलों से सिंधु नदी को नष्ट कर देंगे. यह बयान न सिर्फ़ धमकीपूर्ण है, बल्कि नफरत और गलतफहमी को बढ़ावा देने वाला भी है. शिवराज सिंह चौहान ने इस बयान का मुंहतोड़ जवाब देते हुए कहा कि सिंधु नदी किसी भारतीय परिवार की जागीर है, और यह भारत के किसानों की संजीवनी है.
यह साफ़ कर देना जरूरी है कि भारत अपने संसाधनों और किसानों की रक्षा के लिए किसी भी चुनौती का सामना करने को तैयार है. भारत की ताकत उसकी एकता, मेहनत और देशभक्ति में निहित है, जिसे कोई भी धमकी दबा नहीं सकती.
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